एस. जयशंकर 5 साल बाद चीन दौरे पर, सीमा तनाव के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने की कूटनीतिक पहल

Published : Jul 11, 2025, 10:45 PM IST
S Jaishankar

सार

S. Jaishankar visit to China: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पांच सालों में पहली बार चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। बीजिंग में चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात और तिआनजिन में SCO बैठक के जरिये भारत-चीन संबंधों में जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश। 

S Jaishankar visit to China: भारत और चीन के बीच 2020 के खूनी सीमा संघर्ष के बाद संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक पहल हो रही है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस सप्ताहांत चीन यात्रा पर जा रहे हैं, यह उनकी पांच वर्षों में पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

जयशंकर बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, इसके बाद वे 14-15 जुलाई को तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की परिषद में भाग लेंगे। खास बात यह है कि SCO बैठक से अलग दोनों मंत्रियों की एक विशेष मुलाकात भी तय की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देश आपसी तनाव को कम करने की गंभीर कोशिश कर रहे हैं।

वार्ता के मुख्य मुद्दे: दलाई लामा, रियर अर्थ और उड़ानें

दोनों नेताओं के बीच संभावित चर्चाओं में भारत के लिए चीन से रेयर अर्थ खनिजों की आपूर्ति, दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर चीन की चिंताएं, भारत-पाक तनाव और भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। जयशंकर की यह यात्रा बीते कुछ महीनों में भारत-चीन के बीच शुरू हुए संवादों की अगली कड़ी मानी जा रही है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पिछले महीने चीन के क़िंगदाओ शहर में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने गए थे।

PM मोदी को दिया गया निमंत्रण लेकिन अभी पुष्टि नहीं

इस कूटनीतिक संवाद की पृष्ठभूमि में इस साल शरद ऋतु में होने वाले SCO लीडर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित यात्रा की तैयारी भी हो सकती है। अप्रैल में चीन के राजदूत ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘सप्रेम निमंत्रण’ भेजा था लेकिन भारत की ओर से अभी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

2020 संघर्ष की पृष्ठभूमि और अब की स्थिति

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन ने अपने सैनिकों की संख्या स्पष्ट नहीं की थी। इसके बाद से दोनों देशों ने सीमा पर हजारों सैनिक, मिसाइलें और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए थे।

हालांकि BRICS 2024 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद से रिश्तों में थोड़ी गर्माहट आई है। जयशंकर ने इसके बाद वांग यी से दो बार—रियो और जोहान्सबर्ग में—मुलाकात की लेकिन यह पहली बार है कि वे बीजिंग जा रहे हैं।

वांग यी की भारत यात्रा भी संभव

सूत्रों के अनुसार, जुलाई के अंत में वांग यी भी भारत आ सकते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा विवाद को लेकर अहम बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, संबंध सामान्य करने की कोशिश हो रही है लेकिन कुछ मुद्दे अब भी अटके हुए हैं। भारत ने अभी भी चीनी निवेश और वीज़ा आवेदनों पर प्रतिबंध बनाए रखा है, वहीं चीन ने भी भारत के लिए क्रिटिकल मटेरियल्स के निर्यात को सीमित किया है। दलाई लामा को जन्मदिन की बधाई देने पर चीन ने भारत से आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।

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