
नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Indira Gandhi International Airport) पर भारत का पहला एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे तैयार हो गया है। 13 जुलाई को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इसका उद्घाटन करेंगे। एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे की लंबाई 2.1 किलोमीटर है। इसमें दो लेन हैं।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने इसके बारे में बताया कि एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे के नीचे सड़क है। यह हवाई अड्डे के पूर्वी हिस्से में उत्तरी और दक्षिणी हवाई क्षेत्रों को जोड़ेगा। यह यात्रियों का 7 से 20 मिनट समय बचाएगा। समय की बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित यात्री के विमान ने किस दिशा में लैंडिंग की है।
202 मीटर चौड़ा है एलिवेटेड ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे
एलिवेटेड ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे 202 मीटर चौड़ा है। यह बड़े विमानों और A380, B777 और B747-8 जैसे चौड़े बॉडी वाले विमानों को संभालने में सक्षम है। अधिकारियों के अनुसार इस टैक्सीवे को बनाने का मकसद विमानों के टैक्सी डिस्टेंस (रनवे से विमान खड़ा होने वाली जगह की दूरी) को कम करना है। इससे विमानों का इंधन बचेगा। नए टैक्सीवे से हर साल लगभग 55,000 टन CO2 उत्सर्जन की कमी होगी। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 2030 तक "नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हवाई अड्डा" बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बढ़ेगी यात्रियों की सुविधा
एलिवेटेड ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी। इससे रनवे से टर्मिलन तक पहुंचने में समय लगेगा। वर्तमान में तीसरे रनवे से टर्मनिल वन की दूरी 9 किलोमीटर है। नए टैक्सीवे के बनने के बाद यह दूरी घटकर दो किलोमीटर रह जाएगी।
बता दें कि इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। इस एयरपोर्ट के चौथे रनवे को तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही टर्मिनल 1 का भी विस्तार हो रहा है। अधिक संख्या में विमान पार्क हो सकें इसके लिए टर्मिनल वन के एप्रन को भी बड़ा बनाया जा रहा है।
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