
जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि चेचक और पोलियो के उन्मूलन में विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने वाले भारत के पास कोरोना वायरस संक्रमण से पैदा हुई घातक वैश्विक महामारी से पार पाने की भी जबरदस्त क्षमता है।
भारत के पास चेचक और पोलियों जैसे बीमारियों के उन्मूलन का अनुभव है
गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में लगभग 15,000 लोगों की जान जा चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कार्यकारी निदेशक माइकल रेयान ने कहा कि दुनिया का दूसरा सर्वाधिक आबादी वाला देश भारत कोरोना वायरस महामारी से निपटने की जबरदस्त क्षमता रखता है क्योंकि उसे लक्षित वर्ग को लेकर किए गए प्रयासों के जरिये चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों का उन्मूलन करने का अनुभव है।
भारत अपने अनुभव के आधार पर दुनिया को दे सलाह
वैश्विक महामारी कोविड-19 पर सोमवार को जिनेवा में संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘इन दो रोगों के उन्मूलन में भारत ने दुनिया का नेतृत्व किया और देश से उनका खात्मा किया।’ उन्होंने कहा ‘‘लक्षित वर्ग को लेकर किए गए प्रयासों के साथ भारत ने चेचक को मात दी और दुनिया को इस तरह एक बड़ा उपहार दिया। भारत ने पोलियो को भी जड़ से उखाड़ फेंका।’’ रेयान ने कहा, ‘‘यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है कि भारत जैसे देश अपने अनुभव के आधार पर दुनिया को बताएं कि क्या किया जा सकता है।’’
भारत 2014 में पोलियों मुक्त हो चुका है
रेयान ने कहा,‘‘भारत ने दो ‘साइलेंट किलर’ चेचक और पोलियो का उन्मूलन करने में दुनिया की अगुवाई की, इसलिये उसमें जबर्दस्त क्षमता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका आसान जवाब नहीं है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत जैसे देश दुनिया को रास्ता दिखाएं, जैसा उन्होंने पहले भी किया है।’’ कई लोगों की जान लेने वाली बीमारियों यथा पोलियो और चेचक से भारत ने लक्षित सार्वजनिक हस्तक्षेप के जरिये पार पा लिया गया। भारत ने चेचक से जहां 1977 में छुटकारा पा लिया था, वहीं 2014 में भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा मिला।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस के 492 पुष्ट मामले सामने आए और नौ लोगों की जान इस महामारी की वजह से जा चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि 22 और मामले सामने आने के बाद देश में इलाजरत कोविड-19 के मरीजों की संख्या अब 446 है।
11 दिन में ही 1 लाख वायरस के मरीज बढ़े
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेडरोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि चीन में इसके पता लगने के बाद प्रभावितों की संख्या एक लाख पहुंचने में 67 दिन लगे थे, जबकि इसमें एक लाख और जुड़ने में महज 11 दिन लगे और इसके चार दिन बाद एक लाख और लोग इससे संक्रमित मिले। टेडरोस ने ट्वीट किया, “कोविड-19 महामारी फैल रही है। पहला मामला सामने आने के बाद एक लाख मामले तक इसके पहुंचने में 67 दिन का वक्त लगा। जबकि दो लाख मामले इसके 11 दिन बाद हो गए और यह आंकड़ा चार दिन बाद ही तीन लाख पर पहुंच गया।’’ उन्होंने सोमवार को चेतावनी दी कि कोरोना वायरस महामारी साफ तौर पर तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस पर काबू पाना अब भी संभव है।
उन्होंने कहा, “हम सिर्फ बेसहारा दर्शक नहीं हैं। हम इस महामारी की दिशा बदल सकते हैं।”
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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