
भारत-पाकिस्तान के रिश्ते। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर द्वारा हाल ही में कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना की भूमिका को स्वीकारा है। इस बयान के बाद भारतीय रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौड़ ने रिएक्शन दिया है। उन्होंने ANI को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इसे कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की मानसिकता के बारे में पता चलता है। जिससे लगता है कि वो 75 सालों बाद भी ये मुद्दा उनके लिए अनसुलझा बना हुआ है। वो अभी भी कश्मीर को नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, ये भारत का हिस्सा है। इसे दुनिया ने स्वीकार किया है। पाकिस्तान ने जितने भी युद्ध लड़े उसमे हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद भी वे कश्मीर के बारे में बहस कर रहे हैं
रक्षा विशेषज्ञ ने दो टूक कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना के साथ तालमेल बिठाना या भारत को एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखना बंद कर दे। इसके बजाय अपने देश में फैले भूख और बेरोजगारी जैसे घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दे। अपने लोगों की देखभाल करे जो भूख से मर रहे हैं और जिनके पास कोई रोजगार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी सेना में हथियारों और गोला-बारूद पर जो पैसा खर्च हो रहा है, उसे जनहित में खर्च किया जाना चाहिए।'
पाकिस्तान सेना प्रमुख का बयान
बता दें कि कारगिल युद्ध पर पाकिस्तान सेना प्रमुख ने रावलपिंडी में 6 सितंबर को रक्षा दिवस के संबोधन के दौरान कहा था कि पाकिस्तान एक साहसी और साहसी राष्ट्र है और स्वतंत्रता के महत्व और इसके लिए चुकाई जाने वाली कीमत को जानता है। चाहे वह 1948, 1965, 1971 (युद्ध), कारगिल युद्ध, या सियाचिन संघर्ष हो हजारों सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
60 से अधिक दिनों तक लड़ा गया कारगिल युद्ध
कारगिल युद्ध 60 से अधिक दिनों तक लड़ा गया। ये 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ और भारत ने जीत हासिल की थी। इसलिए हर साल 26 जुलाई को ऑपरेशन विजय की सफलता के नाम पर कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है और देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
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