'जो लोग इलेक्टोरल बॉन्ड का विरोध कर रहे हैं उन्हें जल्द ही पछतावा होगा', PM मोदी विरोधियों पर बरसे, जमकर सुनाई खरी-खोटी

Published : Apr 01, 2024, 06:39 AM ISTUpdated : Apr 01, 2024, 06:48 AM IST
MODI ON electoral bonds

सार

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों को दिए गए पैसों का कोई निशान नहीं था। मैंने चुनावी बांड पेश किया। चुनावी बांड के लिए धन्यवाद, अब हम फंडिंग के स्रोत का पता लगा सकते हैं।

PM मोदी इलेक्टोरल बॉन्ड पर बोले। देश में इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर विपक्षी सरकार बीजेपी शासित केंद्र सरकार को बहुत घेर चुकी है। विपक्षी सरकार हमेशा से आरोप लगा रही है कि केंद्र सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बहुत धांधली की है। हालांकि, इस पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए रविवार (31 मार्च) को कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड के इस्तेमाल की आलोचना करने वालों को जल्द ही पछतावा होगा। पीएम ने तमिलनाडु में थांती टीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, जिसे 31 मार्च को प्रसारित किया गया था।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों को दिए गए पैसों का कोई निशान नहीं था। मैंने चुनावी बांड पेश किया। चुनावी बांड के लिए धन्यवाद, अब हम फंडिंग के स्रोत का पता लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भी पूरा नहीं है। खामियों को दूर किया जा सकता है। बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खत्म कर दिया गया है। ये एक योजना है, जिसके मदद से राजनीतिक दलों को धन के स्रोत के बारे में पता चलता है।

SC ने इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक करार दे दिया

सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने 15 फरवरी को 2018 में अधिसूचित इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक करार दे दिया था। इसके बाद कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक और भारतीय चुनाव आयोग से अप्रैल 2019 से खरीदें और रिडीम किए गए बॉन्ड से जुड़े सभी जानकारियों का खुलासा करने का निर्देश दिया था। हालांकि, ये फैसला लोकसभा चुनाव के पहले आया और विपक्षी दलों और नागरिक समाज कार्यकर्ताओं ने इसका तुरंत स्वागत किया। इस लिस्ट में बीजेपी को सबसे ज्यादा चंदा इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए प्राप्त हुआ था, जिसको लेकर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया था।

PM मोदी ने तमिलनाडु में BJP और AIDMK पर की बात

चुनावी बांड के अलावा, मोदी ने तमिलनाडु में भाजपा और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIDMK) के बीच संबंधों पर भी बात की और इस विकास को बाद का नुकसान करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारी दोस्ती मजबूत थी अगर कोई अफसोस है तो यह अन्नाद्रमुक की ओर से होना चाहिए भाजपा की ओर से नहीं। उन्होंने कहा, "सिर्फ उन लोगों को पछताना चाहिए जो अम्मा (AIDMK प्रमुख दिवंगत जय जयललिता) के सपनों को खत्म करके पाप कर रहे हैं, हमें नहीं। 

पिछले साल सितंबर में, अन्नाद्रमुक भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से बाहर हो गई थी, जिसमें वह 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले शामिल हुई थी। अन्नाद्रमुक ने दोनों दलों के बीच मतभेदों के लिए तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई को जिम्मेदार ठहराया था।

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने दी एनडीए को चुनौती-400 पार का नारा लगाने वाले 200 सीटें जीतकर दिखाएं…

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

झगड़ा, बदला या कुछ और? दिल्ली में 3 डिलीवरी एजेंटों ने कैसे और क्यों किया बिजिनेसमैन का मर्डर?
Earthquake Today: भारत-म्यांमार सीमा के पास तगड़ा भूकंप, कोलकाता तक महसूस हुए झटके