
नई दिल्ली [भारत], 30 जून (एएनआई): भारत में 1901 के बाद इस साल जून में पांचवीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कुछ हिस्सों समेत पूरे जम्मू-कश्मीर में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को दी।
देश में सामान्य 165.3 मिमी की तुलना में 99.5 मिमी बारिश हुई, जो 39.8 प्रतिशत की कमी है। यह 1901 के बाद जून में हुई पांचवीं सबसे कम बारिश है। देश के 36 मौसम विज्ञान उप-मंडलों में से 24 (65 प्रतिशत) में कम बारिश दर्ज की गई, और तीन (10 प्रतिशत) में जून के दौरान बहुत अधिक कमी देखी गई।
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंचा था। केरल में मानसून 1 जून की सामान्य शुरुआत की तारीख के मुकाबले तीन दिन की देरी से 4 जून को आया।
मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों तथा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।
जून 2026 के दौरान कोई भी निम्न दबाव प्रणाली (एलपीएस) नहीं बनी। पश्चिम प्रशांत क्षेत्र में टाइफून की गतिविधि सामान्य से अधिक थी। हालांकि, मौसम विभाग ने कहा कि अधिकांश टाइफून सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ गए, जिसके कारण हिंद महासागर क्षेत्र में एलपीएस की गतिविधि दब गई।
आईएमडी ने कहा कि एल नीनो के विकसित होने के कारण भारत में बारिश की गतिविधि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) तटस्थ चरण में है, जो एल नीनो के नकारात्मक प्रभाव की भरपाई करने में मदद नहीं कर सका।
2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के बाकी हिस्से के दौरान भी एल नीनो की स्थिति जारी रहने की संभावना है। जुलाई के दौरान, देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, सिवाय उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों को छोड़कर, जहां सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। (एएनआई)
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