
Retail Inflation India. सब्जियों की कीमत ने देश में महंगाई दर बढ़ा दी है। ताजा रिटेल महंगाई दर के आंकड़े बताते हैं कि यह 3 महीने के सबसे हाईएस्ट लेवल पर पहुंच चुकी है। सरकार ने बुधवार को ताजा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं। मौजूदा समय में भारत की महंगाई दर 4.81 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सरकार द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि रिटेल में महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दाम हैं। सरकार के लिए राहत की बात यह है कि इस दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन भी 5.2 प्रतिशत बढ़ा है।
भारत में रिटेल महंगाई दर की मौजूदा स्थिति क्या है
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फिति मई में 4.31 प्रतिशत थी जो जून 2023 में 4.25 तक पहुंच चुकी है। पिछला सीपीआई मार्च में 5.56 प्रतिशत था। आरबीआई ने 6 प्रतिशत तक की मुद्रास्फिति का अनुमान लगाया है जिसके हिसाब से खुदरा दर भी कंट्रोल में दिख रही है। केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि रिटेल महंगाई दर 4 प्रतिशत के आसपास बना रहे। हालांकि एक्सपर्ट यह भी बता रहे हैं कि 2 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
खाने-पीने की महंगाई दर 3 प्रतिशत बढ़ गई
जून की महंगाई दर से तुलना करें तो खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में करीब 3 प्रतिशत तक कि बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई में यह 2.96 प्रतिशत थी और जून में यह बढ़कर 4.49 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जानकारी के बता दें कि 8 जून को आरबीआई ने मौद्रिक नीति का ऐलान किया और रेपो रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी, जिसकी वजह से कीमतें सामान्य थीं लेकिन सब्जियों की कीमत ने महंगाई दर बढ़ा दी है।
भारत में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में हुई बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने बताया है कि मई में भारत का औद्योगिक उत्पादन दर करीब 5.2 प्रतिशत तक बढ़ गया है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के तहत इंडस्ट्रियल उत्पादन मई 2022 में 19.7 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
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