
Interpol General Assembly inauguration: इंटरपोल की आमसभा को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की कार्रवाई में तेजी लाने की जरूरत है ताकि आतंकवादी, भ्रष्टाचारी सुरक्षित ठिकानों में छिपने के पहले कार्रवाई की जद में आ सके। इससे आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर मिलकर वैश्विक तौर पर प्रहार हो सकेगा।
पीएम मोदी, इंटरपोल की 90वीं महासभा के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 195 देशों के पुलिस एवं सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपराधी व भ्रष्टाचारी सुरक्षित पनाहगाह ढूंढ़ ले रहे हैं। ऐसे लोगों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। मिलकर आतंकवादियों, अपराधियों व भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसा जा सकता है। दुनिया में अमन चैन में इंटरपोल बड़ा योगदान देने में सक्षम है।
मानव तस्करी से लेकर ड्रग्स डीलिंग तक में गरीब फंस रहे
पीएम मोदी ने कहा कि अवैध धन अक्सर दुनिया के कुछ सबसे गरीब लोगों से लिया जाता है और बुरी गतिविधियों में धकेल दिया जाता है। यह आतंकी फंडिंग के प्रमुख स्रोतों में से एक है। उन्होंने कहा कि अवैध ड्रग्स से लेकर मानव तस्करी तक, लोकतंत्र को कमजोर करने से लेकर अवैध हथियारों की बिक्री तक, इसी काले धन का इस्तेमाल किया जाता है जिसका उपयोग विनाशकारी कामों में फंडिंग के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि इंटरपोल की सक्रियता से भ्रष्ट, आतंकवादियों, ड्रग कार्टेल, अवैध गिरोहों या अपराध संगठनों का कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं हो सकता है।
भारत ने 778 रेड कॉर्नर नोटिस एक्टिव किए
पीएम मोदी ने बताया कि भारत द्वारा 778 रेड कॉर्नर नोटिस को एक्टिव किया गया है। इसमें 205 सीबीआई द्वारा दाऊद इब्राहिम, उसके सहयोगी छोटा शकील, आतंकवादी मसूद अजहर, हाफिज सईद और नीरव मोदी, मेहुल चोकसी आदि आर्थिक अपराधियों जैसे भगोड़ों के खिलाफ हैं। भगोड़े अपराधियों के लिए रेड कॉर्नर नोटिस में तेजी लाकर इंटरपोल मदद कर सकता है।
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
एक भगोड़े का पता लगाने के लिए इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस जारी किया जाता है, जो उस देश से भाग गया है जहां वह चाहता है। एक सदस्य देश किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार या निर्वासित कर सकता है जिसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा ऐसी सूचना प्रसारित की जाती है।
195 देशों के पुलिस अधिकारी, सुरक्षा प्रमुख शामिल
जनरल असेंबली, इंटरपोल की सुप्रीम गवर्निंग बॉडी है। इसके कामकाज से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए वर्ष में एक बार मीटिंग होती है। चार दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार तक चलेगा। इसमें 195 इंटरपोल सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। इसमें कई देशों के मंत्री, देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। भारत में लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद इंटरपोल महासभा की बैठक हो रही है। पिछली बार भारत में यह आयोजन 1997 में हुई थी।
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