
नई दिल्ली. भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को चंद्रयान मिशन 2 के तहत IIRS पेलोड से खीचीं गई चंद्रमा की पहली तस्वीर जारी की है। IIRS को संकीर्ण और स्पेक्ट्रल चैनलों के माध्यम से चंद्रमा पर सूर्य के प्रकाश को मापने के लिए बनाया गया है।
7 सितंबर को लैंडर विक्रम से टूटा था संपर्क
चंद्रयान-2 मिशन के तहत लैंडर विक्रम की 7 सितंबर रात 1 बजकर 53 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग होनी थी। लेकिन लैंडर विक्रम का संपर्क लैंडिंग से सिर्फ 69 सेकंड पहले इसरो से संपर्क टूट गया था। तब विक्रम चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह से 2.1 किमी दूर था। काफी कोशिश के बावजूद विक्रम से संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि, इस बीच नासा ने भी विक्रम से संपर्क ही, वह भी असफल साबित हुई।
98% सफल है चंद्रयान मिशन
भारत का चंद्रयान-2 मिशन 98% सफल रहा। हाल ही में इसरो चीफ डॉ. के. सिवन बताया था कि मिशन को रिव्यू करने वाली टीम का मानना है कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार हमारे मिशन में सिर्फ 2 प्रतिशत की कमी आई और 98 प्रतिशत मिशन सफल रहा है। उन्होंने कहा था कि मैं भी यही मानता हूं कि हमारा मिशन 98% सफल रहा है।
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