
ISRO: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (AM) तकनीक की मदद से बनाए गए रॉकेट इंजन के सफल परीक्षण के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने कहा कि नया इंजन कच्चे माल में 97 फीसदी की बचत करता है और उत्पादन समय को 60 फीसदी तक कम कर देता है। इसरो एक प्रेस रिलीज में कहा कि यह परीक्षण नौ मई को किया गया। इस दौरान 665 सेकंड के समय में 3D तकनीक की मदद से बनाए गए रॉकेट इंजन के सफल परीक्षण के साथ मील का पत्थर हासिल किया है।
ISRO के द्वारा इस्तेमाल किया गया इंजन PSLV के ऊपरी चरण का PS4 इंजन है। इसमें वैक्यूम स्थिति में 7.33 केएन का थ्रस्ट होता है। इसी पर ISRO ने कहा कि इंजन का इस्तेमाल PSLV के पहले चरण (PS4) के रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCM) में भी किया जाता है।इंजन ऑक्सीडाइज़र के रूप में नाइट्रोजन टेट्रोक्साइड और प्रेशर-फेड मोड में ईंधन के रूप में मोनो मिथाइल हाइड्राज़ीन का इस्तेमाल करता है, जो बाइप्रोपेलेंट का कम्पाउंड है।
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