
मुंबई. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद सियासी पारा और बढ़ गया। पार्टियों की दिन भर चलीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शरद पवार ने एनसीपी विधायकों की बैठक बुलाई। इस दौरान 54 में से 50 विधायक पहुंचे। इस बैठक में जयंत पाटिल को विधायक दल का नेता चुना गया और निर्णय लिया गया कि NCP के सारे विधायकों को बस के जरिए मुंबई के रेनी सेंस होटल में रखा जाएगा। इससे पहले ही शिवसेना के विधायकों को एक होटल में रखा जा चुका है।
एनसीपी की बैठक में राजनीतिक उठापटक के मास्टर माइंड माने जा रहे धनंजय मुंडे ने पहुंचकर सभी को चौका दिया। कहा जा रहा है कि सुबह शपथ ग्रहण के वक्त अजित पवार के साथ पहुंचे 10-12 विधायकों में से 7 विधायक की इस बैठक में पहुंचे। बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया। दिलीप पाटिल को ये पद मिल सकता है। उधर, कांग्रेस के विधायक जयपुर भेजे जा रहे हैं। पहले कहा जा रहा था कि वे मध्यप्रदेश जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शिवसेना अजित पवार और उद्धव ठाकरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
अजित पवार को भी मनाने की कोशिश
इससे पहले एनसीपी के कुछ वरिष्ठ नेता अजित पवार से मिलने पहुंचे। हालांकि, माना जा रहा है कि अजित पवार ने वापस आने का फैसला किया है।
10-12 विधायक अजित के संपर्क में-शरद पवार
इससे पहले शरद पवार ने कहा कि उन्हें अजित पवार द्वारा भाजपा को समर्थन देने की जानकारी नहीं थी। पवार ने कहा कि अजित पवार कुछ विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे, हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अजित का फैसला पार्टी लाइन के खिलाफ है और अनुशासनहीनता को बताता है। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हमें पता चला है कि 10-12 विधायक उनके पास हैं।
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