
नई दिल्ली। भारत में कोरोनो वायरस का नया वेरिएंट जेएन.1 धीरे-धीरे पांव पसारता जा रहा है। अब तक भारत में जेएन.1 में 21 मामले सामने आए हैं। जानकारों की माने तो गोवा में JN.1 वैरियंट के 19 मामले और महाराष्ट्र और केरल में एक-एक मरीज सामने आए हैं।
घबरने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बुधवार को कोविड-19 के हालातों की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड के इस नए वैरियंट से घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सभी को सतर्क रहना होगा। इस बीमारी को देश में फैलने से रोकने के लिए हम सभी को जागरूक होना होगा। हमें केंद्र और राज्य दोनों ही स्तर पर प्रयास करने होंगे जिससे कोरोना पर रोक लग सकें। राज्य और केंद्र के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन से कोडिव के मामलों पर हम लगाम लगा सकते हैं। इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर हर तीन महीने में एक बार मॉक ड्रिल करना चाहिए।
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कोविड खत्म नहीं हुआ याद रखें सब
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि हम लोगों ने कोरोना के घातक दौर को बहुत अच्छी तरह से पार कर लिया है लेकिन यह बात हमेशा ध्यान में रखें कि कोविड खत्म नहीं हुआ है। सभी राज्यों को चाहिए कोविड को लेकर जागरूकता फैलाते रहें और लोगों को सावधान रहने की सलाह दें। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया की योजना तैयार करने के लिए सभी राज्यों को कोविड केसेज, लक्षण और गंभीरता को लेकर निगरानी करते रहना चाहिए।
दो सप्ताह में बढ़ गए केस
कोविड के नए वैरियंट में दो सप्ताह में काफी बढ़ोतरी हुई है। भारत में एक रिपोर्ट के मुताबिक 6 दिसंबर को 115 केस थे जो आज 614 तक पहुंच गए हैं। ज्यादातर मरीजों को घर में ही आईसोलेट कर दिया गया है। इसके अलावा जिम मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है वह कई अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं।
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