
नई दिल्ली। जस्टिस उदय उमेश ललित (UU Lalit) ने शनिवार को 49वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। सीजेआई के रूप में उनका कार्यकाल 74 दिन का होगा। 8 नवंबर को वह 65 साल का होने पर रिटायर हो जाएंगे।
जस्टिस ललित के बाद सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ सीजेआई बनने की कतार में हैं। शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस ललित ने अपने 90 साल के पिता उमेश रंगनाथ ललित का पैर छूकर आशीर्वाद मांगा। उमेश रंगनाथ ललित 1975 में बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज थे। जस्टिस ललित ने इस अवसर पर परिवार के अन्य बुजुर्गों से भी आशीर्वाद मांगा।
शपथ ग्रहण समारोह में पीएम रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई मंत्री मौजूद थे। कार्यक्रम में सीजेआई ललित के पूर्ववर्ती जस्टिस एनवी रमना भी मौजूद थे।
पहले सीनियर वकील थे यूयू ललित
जज बनने से पहले यूयू ललित सीनियर वकील थे। उन्हें 12 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। वह तीन तलाक को अवैध और असंवैधानिक ठहराने समेत कई ऐतिहासिक फैसले करने वाले बेंचों का हिस्सा रहे हैं। हाल ही में जस्टिस ललित की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में काम शुरू होने के सामान्य घंटों से एक घंटा पहले सुबह 9.30 बजे सुनवाई की।
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उन्होंने कहा था कि मेरे विचार से आदर्श रूप से हमें सुबह 9 बजे बैठना चाहिए। मैंने हमेशा कहा है कि अगर हमारे बच्चे सुबह 7 बजे स्कूल जा सकते हैं तो हम 9 बजे क्यों नहीं आ सकते। 22 अगस्त को जस्टिस ललित की अध्यक्षता वाले बेंच ने आम्रपाली के घर खरीदारों के मामले की सुनवाई 3 सितंबर (शनिवार) को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय की। यह सुप्रीम कोर्ट का में कार्य दिवस नहीं है।
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