राज्यसभा के लिए सिंधिया ने भरा नामांकन, 3 में से 2 सीटों पर भाजपा की हो सकती है जीत, ऐसे हैं समीकरण

Published : Mar 13, 2020, 03:25 PM ISTUpdated : Mar 13, 2020, 03:47 PM IST
राज्यसभा के लिए सिंधिया ने भरा नामांकन, 3 में से 2 सीटों पर भाजपा की हो सकती है जीत, ऐसे हैं समीकरण

सार

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और गोपाल भार्गव मौजूद थे।  

भोपाल. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और गोपाल भार्गव मौजूद थे। कयास लगाए जा रहे थे कि नामांकन के दौरान बेंगलुरु में रुके सिंधिया के समर्थक कहे जाने वाले 22 विधायक भी आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

 

मध्य प्रदेश में 3 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें हैं, जिनमें 3 सीटों पर चुनाव होना है। पूर्वी मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यशक्ष प्रभात झा और पूर्वी केंद्रीय मंत्री सत्यनाराणण जटिया का राज्यसभा में कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसलिए इन सीटों पर चुनाव होना है।

 

भाजपा और कांग्रेस की तरफ से कौन-कौन उम्मीदवार?
मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह, फूल सिंह बरैया और भाजपा की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रो. सुमेर सिंह सोलंकी उम्मीदवार हैं। 

 

राज्यसभा सांसद के लिए कौन करता है वोट?
राज्यसभा सदस्य का चुनाव विधायक करते हैं। सदन में प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों की संख्या कितनी होगी, वो वहां की जनसंख्या पर निर्भर करती है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में कुल 34 सदस्य हैं। वहीं मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा आदि छोटे राज्यों के केवल एक-एक सदस्य ही चुनकर आते हैं। राज्‍यसभा सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है। प्रत्येक दो साल में एक तिहाई सदस्‍य सेवानिवृत्त हो जाते हैं इसलिए राज्‍यसभा कभी भंग नहीं होती।

 

मध्य प्रदेश में भाजपा 2 और कांग्रेस 1 राज्यसभा सीट जीत सकती है

मध्य प्रदेश में अभी यह स्थिति साफ नहीं है कि कितने विधायक किसके साथ हैं। अगर कांग्रेस के 22 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया जाता है, तब कुल विधायकों की संख्या घटकर 206 हो जाएगी। ऐसी स्थिति में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 52 विधायकों को वोट चाहिए। इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास 99 और भाजपा के पास 107 विधायक बचेंगे। ऐसे में भाजपा 2 और कांग्रेस 1 सीट पर जीत हासिल कर लेगी।
- अगर 22 विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं होते हैं, तो ऐसी स्थिति में कांग्रेस व्हिप जारी करेगी। ऐसी स्थित में अगर कांग्रेस के 22 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की तो स्पीकर उन्हें अयोग्य घोषित कर सकता है। ऐसी स्थिति में भी भाजपा को ही फायदा होगा और वह 2 सीट पर जीत जाएगी।

कैसे पता चला कि 52 विधायकों के वोट चाहिए?

एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। राज्यसभा में चुनाव जीतने के लिए फॉर्मूला है- [(विधायक की संख्या X 100) / (वैकेंसी + 1)] + 1
इस बार मध्य प्रदेश में 3 सीट के लिए चुनाव होना है। विधायकों की संख्या 206 है। अब फॉर्मूले पर रखने पर 5151 आता है। यानी इतने वोट चाहिए। अब हर विधायक के वोट की कीमत 100 है। तो 100 से भाग देने पर 51.51 आता है, जिसे 52 मान लेते हैं।

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