अमित शाह की मौजूदगी में हुआ असम में कार्बी आंलगोंग समझौता, जानें क्यों है ये ऐतिहासिक करार

Published : Sep 04, 2021, 05:20 PM ISTUpdated : Sep 04, 2021, 06:23 PM IST
अमित शाह की मौजूदगी में हुआ असम में कार्बी आंलगोंग समझौता, जानें क्यों है ये ऐतिहासिक करार

सार

अमित शाह ने कहा- मैं पांच संगठनों और असम के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधियों को आश्वासन देता हूं कि हम कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए, निर्धारित समय सीमा के भीतर समझौते में निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करेंगे। 

नई दिल्ली.  असम में ऐतिहासिक कार्बी आंलगोंग समझौते  (Karbi Anglong Agreement) पर साइन हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में यह करार हुआ है। अमितत शाह ने समझौते के बाद कहा यह एक ऐतिहासिक समझौता है। अमित शाह ने कहा- मैं पांच संगठनों और असम के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधियों को आश्वासन देता हूं कि हम कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए, निर्धारित समय सीमा के भीतर समझौते में निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करेंगे।

 

उन्होंने कहा- बोडोलैंड समझौता हो, ब्रू समझौता या एनएलएफटी समझौता, सरकार ने 80% से अधिक शर्तों को पूरा किया है। बोडोलैंड समझौते में लगभग सभी शर्तें पूरी की गई हैं। वहीं, समझौत के बाद असम के सीएम ने कहा- इस समझौते के तहत 1,000 आतंकवादी आत्मसमर्पण करेंगे और ढेर सारे हथियार जमा किए जाएंगे। शांति बहाल होगी। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

क्या है कार्बी
कार्बी असम का एक प्रमुख जातीय समूह है। जो कई गुटों और टुकड़ों से घिरा हुआ है। कार्बी समूह का इतिहास 1980 के दशक के उत्तरार्ध से हत्याओं, जातीय हिंसा, अपहरण से जुड़ा रहा है। असम और केंद्र की बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार ने  नई दिल्ली में कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) क्षेत्र के अंदर सक्रिय कम से कम छह विद्रोही समूहों के साथ कार्बी आंगलोंग समझौते पर मुहर लगा दी। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और छह संगठनों के नेता इस समझौते पर हस्ताक्षर के समय मौजूद रहे।

समझौते की मुख्य विशेषताएं:

  • यह समझौता ज्ञापन असम की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता को प्रभावित किए बिना,कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद को और अधिक स्वायत्तता का हस्तांतरण, कार्बी लोगों की पहचान, भाषा, संस्कृति आदि की सुरक्षा और परिषद क्षेत्र में सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेगा।
  • कार्बी सशस्त्र समूह हिंसा को त्यागने और देश के कानून द्वारा स्थापित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सहमत हुए हैं। समझौते में सशस्त्र समूहों के कैडरों के पुनर्वास का भी प्रावधान है।
  • असम सरकार कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद क्षेत्र से बाहर रहने वाले कार्बी लोगों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक कार्बी कल्याण परिषद की स्थापना करेगी।
  • कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के संसाधनों की पूर्ति के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ाया जाएगा।
  • वर्तमान समझौते में कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद को समग्र रूप से और अधिक विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां देने का प्रस्ताव है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

जनगणना 2027: 33 सवालों में देनी होगी कौन-कौन सी जानकारी? इनमें पहली बार क्या होगा?
कंधे पर कुदाल-माथे पर गमछा..चेहरे पर मुस्कान, मनरेगा बचाओ में राहुल-खड़गे का देसी लुक