
Siddarmaiah opens cursed door of Vidhan Soudha:कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को एक साहसिक काम करते हुए विधान सभा का अशुभ माना जाने वाला दक्षिणी दरवाजा खोलवा दिया। विधान सौध का यह दरवाजा वर्षों से बंद था। अन्न भाग्य योजना की मीटिंग कर लौटते समय बंद दरवाजा देख सीएम वहां ठहर गए। उन्होंने दबाव डालकर अधिकारियों से उस दरवाजा का खोलवाया और उसका उपयोग किया। वास्तु की दुहाई दे रहे अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छा वास्तु वह है जहां आपको स्वस्थ दिमाग, साफ दिल और लोगों के प्रति चिंता मिलती है। कमरे के अंदर जब प्राकृतिक रोशनी और शुद्ध हवा प्रवेश करेगा तो वास्तु खुद ब खुद सही हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों का आशीर्वाद हो, यदि कर्म और वाणी शुद्ध है, तो सब कुछ शुभ होगा।
क्यों बंद था विधान सौध का दक्षिण मुखी दरवाजा, किसने कराया था बंद?
विधान सौध में मुख्यमंत्री कार्यालय का 'अशुभ' दक्षिणी दरवाजा चार वर्षों से बंद था। असेंबली टीम इसे अशुभ मानती है। यह कथित तौर 'शापित दरवाजा' पहले 1998 में मुख्यमंत्री रहे जे.एच.पटेन की हार के बाद बंद कर दिया गया था। तब से लगातार यह दरवाजा बंद ही रहा। किसी भी मुख्यमंत्री ने इसे खुलवाने की कोशिश नहीं की। एक अधिकारी ने दावा किया कि इसके पहले किसी भी मुख्यमंत्री ने कभी भी दक्षिणी दरवाजे का ताला खोलवाने का प्रयास नहीं किया था। अधिकारी ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, पहले के सारे मुख्यमंत्रियों ने इसे अशुभ मानते हुए कभी भी इस दरवाजे को नहीं खोला था। माना जाता है कि इस दरवाजे को खोलने के बाद खोलवाने वाले मुख्यमंत्री व उसके पॉलिटिकल करियर के लिए विनाशकारी हो सकता है। दक्षिणी प्रवेश द्वार शनिवार को खोला गया था, यह शनि से जुड़ा दिन है, शनि एक ऐसा ग्रह है जिसके कारण लोगों के जीवन में नाखुशी आने का डर रहता है।
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