
Bangalore Bandh called off: कर्नाटक सरकार के आश्वासन के बाद फेडरेशन ऑफ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स ने बैंगलोर बंद को वापस ले लिया है। सोमवार सुबह से हड़ताल की वजह से प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप था जिससे कैब-टैक्सियां व अन्य प्राइवेट बस के लिए देश के इस आईटी शहर में लोग परेशान थे। हड़ताल के कारण बैंगलोर ठप सा हो गया था। यूनियन ने 30 मांगों को सरकार के सामने रखा था।
प्राइवेट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स की क्या है मांगे?
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स ने अपनी करीब 30 मांगों को लेकर हड़ताल किया था। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स की मांग थी कि सरकार की शक्ति योजना को राज्य में प्राइवेट ट्रांसपोर्ट्स पर भी लागू किया जाए क्योंकि महिलाओं के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट स्कीम से प्राइवेट ट्रांसपोर्ट बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ऑटो यूनियनों ने कर्नाटक में बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। सरकार ने कहा कि उन्हें उनकी बाइक टैक्सी प्रतिबंध की मांग पर कानूनी राय लेनी चाहिए। अन्य मांगों में ड्राइवरों के लिए कल्याण बोर्ड, ऑटो चालकों के लिए बीमा और वाणिज्यिक माल वाहनों पर आजीवन कर शामिल हैं।
सरकार ने मांगे नहीं मानी तो कर दिया हड़ताल
दरअसल, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स ने सरकार से अपनी डिमांड रखी थी। लेकिन सरकार द्वारा कोई जवाब नहीं देने पर सोमवार को हड़ताल कर दिया। हालांकि, दोपहर में राज्य के परिवहन मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने फेडरेशन के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने सभी मांगों पर विचार करते हुए उसे पूरा करने का आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन के बाद दोपहर बाद फेडरेशन ने अपना हड़ताल वापस ले लिया।
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