
नई दिल्ली। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए 100% आरक्षण देने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इससे बाद विवाद हुआ तो उन्होंने इसे हटा दिया। इस मामले को लेकर किए गए ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने सिद्धारमैया पर तीखा हमला बोला है।
राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट किया, "सभी कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों को जिनमें सिद्धारमैया भी शामिल हैं मुख्यमंत्री बने रहने के लिए दिल्ली को "फीस" देनी पड़ती है। एसटी समुदाय और गरीबों के लिए रखे गए पैसे लूटकर ये फीस का इंतजाम करते हैं।" राजीव चंद्रशेखर ने दिल्ली का जिक्र कर कांग्रेस नेतृत्व की ओर इशारा किया है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के ट्वीट को रीट्वीट किया।
आर. अशोक ने एक्स पर पोस्ट किया, “कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में कर्नाटक के लोगों के लिए आरक्षण के मुद्दे को उठाकर चाल चली है। यह लोगों का ध्यान अपनी घोटालों और विफलताओं से हटाने की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है। सीएम सिद्धारमैया, दलितों के कल्याण के लिए रखे गए पैसे लूटने के आपके अपराध को कोई भी हथकंडा छुपा नहीं सकतीं। आपका मुखौटा उतर चुका है। आपके पास पद छोड़ने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।”
100% आरक्षण विधेयक पर भारी विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने डिलीट किया पोस्ट
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य की निजी कंपनियों में ग्रुप सी और ग्रुप डी की सभी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 100%आरक्षण की घोषणा की थी। इस मामले में विवाद हुआ तो उन्होंने इस पोस्ट को हटा लिया।
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बाद में श्रम मंत्री संतोष लाड ने सफाई दी कि निजी कंपनियों में नौकरियों में गैर-प्रबंधन पदों के लिए आरक्षण 70% और प्रबंधन स्तर के कर्मचारियों के लिए 50% तक सीमित रहेगा। संतोष लाड ने कहा कि यदि कंपनियां इस आरक्षण के अनुसार कुशल लोगों को नहीं रख पाती है तो वह राज्य के बाहर से लोगों को काम पर रख सकती है।
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