Published : Jul 31, 2024, 05:03 PM ISTUpdated : Jul 31, 2024, 08:56 PM IST
वायनाड। केरल के वायनाड में मंगलवार को आए तीन बड़े भूस्खलन (Wayanad Landslide) के चलते मरने वालों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। इसके और भी बढ़ने की आशंका है। इस बीच राहत और बचाव अभियान जारी है।
चूरलमाला गांव के लगभग सभी घर और दुकानें मिट्टी और मलबे में दब गई हैं। क्षतिग्रस्त कारें और दोपहिया वाहन इधर-उधर बिखर गए हैं।
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मंगलवार सुबह केरल के वायनाड जिले के मेप्पाडी पंचायत के पहाड़ी इलाकों में हुए भूस्खलन से चूरलमाला गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था।
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भूस्खलन मुंदक्कई में शुरू हुआ था। इसके कारण चूरलमाला में कीचड़ और मलबा आ गया। इरुवाझांजी नदी का रास्ता बदल गया। नदी गांव के बीच से बहने लगी।
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नदी ने अपने नए रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा दिया। इसमें बागान के मजदूरों के क्वार्टर भी शामिल हैं। सरकारी स्कूल का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया।
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मुंदक्कई को जोड़ने वाला पुल भूस्खलन के कारण नष्ट हो गया था। इसके चलते मुंदक्कई जाने की कोशिश कर रहे बचावकर्मी चूरलमाला में घंटों तक फंसे रहे।
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चूरलमाला गांव के अलीकोया ने बताया कि उन्होंने कभी ऐसी त्रासदी की उम्मीद नहीं की थी। यह भूस्खलन वाला क्षेत्र नहीं था। गांव के कई लोग बह गए। कई शव मलप्पुरम जिले के नीलांबुर क्षेत्र से बरामद किए गए हैं।
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सेना के जवानों ने भूस्खलन से प्रभावित लोगों को बचाया। गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
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सेना के जवानों ने कीचड़ में चलकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को बचाया। सुरक्षा के लिए एक रस्सी का इंतजाम किया गया।
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भूस्खलन के चलते पूरा गांव कीचड़ और मलबे से भर गया है। नदी को पार करते हुए लोगों को बचाया गया।
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बचाव अभियान में जेसीबी जैसी भारी मशीनों को लगाया गया है।
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