
नई दिल्ली। पीएम मोदी (PM Modi) के तीन कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को वापस लेने के ऐलान के बाद भी रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने मीटिंग की है। इस मीटिंग में किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के सभी वरिष्ठ नेता शामिल रहे। मीटिंग में कृषि कानूनों को निरस्त करने को लेकर चर्चा करने के साथ यह निर्णय हुआ कि आंदोलन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा। 22 को किसानों का लखनऊ में किसान पंचायत (Lucknow Kisan Panchayat) सहित संसद मार्च (Kisan March to Parliament) को रद्द नहीं किया जाएगा।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल (Balbir Singh Rajewal) ने किसान नेताओं की मीटिंग के निर्णय के बारे में बताते हुए कहा कि एसकेएम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम यथावत जारी रहेंगे। 22 को लखनऊ में किसान पंचायत, 26 को सभी सीमाओं पर सभा और 29 को संसद तक मार्च होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य निर्णय के लिए 27 नवंबर को एसकेएम की एक और बैठक होगी। तब तक की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री को लिखेंगे पत्र
बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि मीटिंग में निर्णय लिया गया है कि हम पीएम को ओपन लेटर लिखेंगे। पत्र के माध्यम से किसानों की लंबित मांगों को बताएंगे। इसमें एमएसपी समिति, उसके अधिकार, उसकी समय सीमा, उसके कर्तव्य; विद्युत विधेयक 2020 आदि मामलों की वापसी के अलावा हम लखमीपुर खीरी मामले में मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) को बर्खास्त करने के लिए भी उन्हें पत्र लिखेंगे।
कृषि कानूनों को वापसी का निर्णय अच्छा कदम
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि कृषि कानूनों को वापसी का निणर्य यह एक अच्छा कदम था, हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाकी है। बता दें कि बीते दिनों पीएम मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करने के साथ ही देश के किसानों से इसके लिए माफी मांगी थी।
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