
Farmers Protest on MSP: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एमएसपी के लिए आंदोलित किसानों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020/21 में किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के साथ दुव्यर्वहार दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार को सम्मानपूर्वक किसानों से बातचीत करना चाहिए।
दिल्ली चलो का नारा बुलंद कर पंजाब-हरियाणा के हजारों किसानों ने मंगलवार को दिल्ली कूच किया। किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सीमाएं सील कर दी गई हैं। हर ओर हजारों की संख्या में केंद्रीय बल व पुलिसवाले तैनात हैं। बैरिकेड्स और कंक्रीट-कील लगाकर रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। बॉर्डर पर पहुंचे किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। जगह-जगह किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुए।
हम किसानों से दूर नहीं...हर हाल में उनके साथ: टिकैत
राकेश टिकैत ने सत्तारूढ़ बीजेपी को चेताया कि आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले विरोध प्रदर्शनों को रोकना सही नहीं है। अगर सरकार किसानों के लिए कोई समस्या पैदा करती है तो हर हाल में हम सब किसानों के साथ उतरने को मजबूर होंगे। टिकैत ने कहा कि कई किसान संघ हैं और उनके अलग-अलग मुद्दे हैं। अगर सरकार दिल्ली मार्च कर रहे किसानों के लिए समस्या पैदा करती है, तो हम उनसे दूर नहीं हैं। हम उनके समर्थन में हैं।
राकेश टिकैत पहले ही दे चुके हैं आंदोलन की चेतावनी
राकेश टिकैत ने किसानों की मांगों का लेकर 16 फरवरी को 'भारत बंद' का आह्वान किया था। इसके पहले बीते साल जून में भी वह एमएसपी को लेकर किसानों को एकजुट करने में लगे हुए थे। टिकैत ने हरियाणा के करनाल में कहा था कि एमएसपी के लिए दिल्ली (अब निरस्त कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन) से भी बड़ा आंदोलन करना होगा।'
नरेश टिकैत ने भी सरकार से बातचीत की अपील की
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार से किसानों के साथ बैठकर बातचीत की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। सरकार को चर्चा करनी चाहिए। किसानों का सम्मान करना चाहिए। बीकेयू, यूपी में किसानों का बड़ा संगठन है। अगर वह भी आंदोलन में शामिल हो जाएगा तो किसानों के आंदोलन का दायरा बढ़ सकता है।
किसान कई मांगों को लेकर दिल्ली किए हैं कूच
हरियाणा-पंजाब के किसान कई मांगों को लेकर दिल्ली कूच किए हैं। किसान सरकार से एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने और किसान ऋण माफ करने के लिए आंदोलित हैं। अन्य प्रमुख मांगें बिजली अधिनियम 2020 को निरस्त करना, यूपी के लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के लिए मुआवजा और पिछले विरोध में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस मामले वापस लेना हैं।
हजारों की संख्या में किसान इस बार फिर तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने तक हुए आंदोलन की तरह डटने के लिए घर से निकले हैं। हालांकि, किसानों के दिल्ली कूच के साथ दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर्स पर पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष शुरू हो चुका है।
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