
कोलकाता। 9 अगस्त की सुबह कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नाइट ड्यूटी कर रही महिला की लाश मिली थी। इसके बाद से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। 33 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच राज्य सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत की पहल हुई है।
बुधवार को मुख्य सचिव मनोज पंत ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से बातचीत के लिए एक नया निमंत्रण दिया। उन्होंने अपने पत्र में विरोध प्रदर्शनों के चलते मरीजों को हो रही परेशानी का जिक्र किया और जल्द से जल्द हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक का प्रस्ताव रखा। इसके लिए 12-15 डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के आने का सुझाव दिया।
डॉक्टरों की मांग प्रतिनिधिमंडल में होंगे 30 सदस्य, ममता बनर्जी से करेंगे बात
मुख्य सचिव के पत्र के जवाब में डॉक्टरों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में कम से कम 30 सदस्य होंगे। बातचीत का लाइव प्रसारण किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रही। बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हों। इसके साथ ही डॉक्टरों ने अपनी पांच प्रमुख मांग भी बताए।
डॉक्टरों की पांच बड़ी मांग
1-बलात्कार और हत्या तथा इससे संबंधित साक्ष्यों से छेड़छाड़ के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए। उन्हें सजा मिले।
2- आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
3- कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम से इस्तीफा लिया जाए।
4- स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा उपाय किए जाएं।
5- सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऐसे इंतजाम किए जाएं कि डॉक्टरों के लिए खतरा नहीं हो।
मुख्य सचिव ने की डॉक्टरों की आलोचना
मुख्य सचिव पंत के पत्र में उल्लेख किया गया है कि विरोध प्रदर्शन से मरीज प्रभावित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। इसका पालन नहीं किया गया। डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का मान रखना चाहिए था। ऐसा बर्ताव ठीक नहीं है। पंत ने डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह किया और कहा कि बातचीत से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।
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