Kolkata Case : केंद्र की अपील- काम पर लौटें डॉक्टर, MP हाईकोर्ट ने कही ये बात

Published : Aug 17, 2024, 11:47 AM ISTUpdated : Aug 17, 2024, 03:27 PM IST
 kolkata doctor rape murder case

सार

कोलकाता की घटना के बाद से स्वास्थ्य कर्मियों का गुस्सा थम नहीं रहा। IMA के नेतृत्व में देश भर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर बंद हैं। डॉक्टर सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून की मांग कर रहे हैं। केंद्र ने हड़ताल खत्म करने की अपील की।

नेशनल न्यूज। कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना के बाद से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का गुस्सा थम नहीं रहा है। आज सुबह से आईएमए की ओर से देशव्यापी हड़ताल की गई है। देश भर में डॉक्टरों ने आज काम न करने का फैसला किया है। अस्पतालों की ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर पर ताले लटक रहे हैं। विषम परिस्थितियों के लिए इमरजेंसी सर्विस को चालू रखा गया है। देश भर में डॉक्टर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

केंद्र सरकार ने की ये अपील
केंद्र सरकार ने अपील की है कि सभी डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौट आएं। स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह भी आश्वासन दिया कि सुरक्षा कानूने बनाने के लिए कमेठी गठित की जाएगी और इस पर विचार कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हांलाकि सरकार की अपील के बाद अभी तक डॉक्टरों की तरफ से कोई नई जानकारी नहीं मिली है।

MP हाईकोर्ट के जज ने कही ये बात
मध्य प्रदेश में भी सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे वहां भी मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इस पर मध्य प्रदश हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कहा है कि हड़ताल का ये तरीका गलत है। इससे मरीजों को कितनी परेशानी हो रही है। डॉक्टर्स की तरफ से मौजूद वकील ने जब हड़ताल खत्म करने के लिए कुछ दिन का समय मांगा तो एक्टिव चीफ संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब मरीज की जान जा रही हो तो दवा क्या दो दिन बाद देंगे। 20 अगस्त तक हड़ताल वापस लें और काम पर लौटें। 

डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बने कानून
आईएमए की ओर से देशव्यापी हड़ताल के चलते सुबह से ही डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। कोलकाता में चिकित्सक के साथ रेप और मर्डर की घटना को लेकर उनमें काफी आक्रोश है। डॉक्टरों की मांग है कि केंद्र की तरफ से उनकी सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए। अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की जाए और दोषियों के लिए सजा का कड़ा प्रावधान रखा जाए। इसके साथ ही कोलकाता में हुई घटना में पीड़ितों के परिजनों के लिए भी इंसाफ की मांग की गई।

पढ़ें ट्रेनी डॉक्टर के लिए न्याय की गुहार: ममता बनर्जी ने की आरोपियों को फांसी की मांग

हॉस्पिटल को सेफ जोन घोषित करें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव अनिल कुमार ने कहा, अस्पताल में मरीजों को नया जीवन दिया जाता है। यहां लोगों की जान बचाई जाती है लेकिन अब तक अस्पताल परिसर में लोग सुरक्षित नहीं रह गए हैं।केंद्र सरकार सुरक्षा कानून बनाए और अस्पतालों को सेफ जोन घोषित किया जाए।

इलाज के लिए भटक रहे  मरीज
देशव्यापी हड़ताल के चलते शनिवार को कोई भी डॉक्टर काम पर नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। ओपीडी बंद होने के कारण हजारों मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। कई मरीजों के ऑपरेशन होने थे लेकिन स्ट्राइक के कारण वह भी टाल दिए गए। दूरदराज से आने वाले मरीजों को बिना डॉक्टर को दिखाए और दवा लिए ही वापस लौटना पड़ा। 

कर्नाटक सरकार ने सरकारी डॉक्टरों की छुट्टी सस्पेंड की
आईएमए की हड़ताल के बाद कर्नाटक गवर्नमेंट ने सरकारी डॉक्टरों की छुट्टी कैंसिल कर दी है। सरकार ने अस्पतालों में आने वाली भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया है। डॉक्टरों के विरोध के चलते देश भर में डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। 

 

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

झगड़ा, बदला या कुछ और? दिल्ली में 3 डिलीवरी एजेंटों ने कैसे और क्यों किया बिजिनेसमैन का मर्डर?
Earthquake Today: भारत-म्यांमार सीमा के पास तगड़ा भूकंप, कोलकाता तक महसूस हुए झटके