Kuno National Park Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत मंगलवार को हो गई। देश के विलुप्त हो चुके चीतों को भारत में 2022 में पुन: लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में यह दसवें नामिबियन चीते की मौत है। मौत की वजहों का पता नहीं चल सका है। नेशनल पार्क में अबतक सात वयस्क चीतों और तीन शावकों की मौत हो चुकी है। पूर्व में हुए चीतों की मौतों की वजह संक्रमण बताया जा रहा है।
शौर्य की हुई मौत
कूनो नेशनल पार्क में दसवें चीते शौर्य की मौत मंगलवार को हुई है। लायन प्रोजेक्ट के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक ने बताया कि 16 जनवरी, 2024 को लगभग 3:17 बजे, नामीबियाई चीता शौर्य की मृत्यु हो गई। सुबह लगभग 11 बजे ट्रैकिंग टीम ने शौर्य की लड़खड़ाती चाल देखी गई। कुछ ही देर बात वह बेहद शांत हो गया। वह बेहद कमजोर पाया गया। डॉक्टर्स की टीम ने उसे होश में लाने की कोशिश की। वह होश में आया लेकिन कई तरह की जटिलताएं उसमें बनीं रहीं। टीम ने उसे सीपीआर दिया लेकिन सारी कोशिशें बेकार साबित हुईं। मौत की वजह का पता लगाया जा रहा है।
संसद तक पहुंचा मामला
बीते अगस्त में नौवें चीता की मौत हो गई थी। कूनो नेशनल पार्क में हुए चीतों की मौत को लेकर संसद के मानसून सत्र में सवाल किए गए थे। सरकार ने इस मौतों की वजह को संक्रमण बताया था।
देश में 1952 में चीता विलुप्त
1952 में भारत में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। 2022 में फिर से 20 वयस्क चीतों को विदेशों से कूनो नेशनल पार्क लाया गया था। चीतों को दो बैचों में नामीबिया से 2022 और दक्षिण अफ्रीका से 2023 में लाया गया था। बीते साल 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर धूमधाम से नामिबिया से लाए गए चीतों को बाड़ों में छोड़ा गया था। स्वयं पीएम मोदी ने यह किया था। उस समय के बाद पार्क में चार शावकों का जन्म हुआ लेकिन उनमें से तीन और छह अन्य वयस्कों की पिछले अगस्त के अंत में पांच महीने की अवधि में मृत्यु हो गई। मंगलवार को 10वीं मौत हुई।
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