
नेशनल डेस्क। दुनिया ने 10 मई को आकाश में उत्तरी रोशनी के चलते आकाश में अद्भुत नजारा देखा था। कुछ ऐसा ही कि मानों आसमान में एक साथ कई सारे रेनबो छा गए हों और रंग बिरंगे सितारों की तेज रोशनी एक दूसरे को काट रही थीं। लेकिन लद्दाख के एक गांव में ऐसा नजारा दिखना आम बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि जमीन से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर बसे इस गांव में अपने आप में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
4500 मीटर पर है हानले गांव
दुनिया में 10 मई को पृथ्वी पर आए तीव्र सौर तूफान के बाद आसमान को उत्तरी रोशनी में नहाया हुआ देखा होगा। हालांकि ये नजारा कुछ ही देशों में देखने को मिला था लेकिन बॉर्डर के करीब लद्धाख के हानले गांव में ऐसा नजारा आम बात है। जमीन से 4500 मीटर की उंचाई पर स्थित हानले गांव में अक्सर उत्तरी रोशनी के जैसा नजारा देखने को मिलता है। हालांकि अब पर्यटकों की संख्या में धीरे-धीरे इन इलाकों में बढ़ो रही है।
विशाल दूरबीन के नाम से चर्चित हानले
हानले वह स्थान है जहां भारतीय खगोलीय वेधशाला है। खास बात ये है कि इसे दुनिया की सबसे ऊंची दूरबीन का नाम दिया गया है। जबकि हेनले में शौकिया खगोलविदों की ओर से ली गई अरोरा की बहुत तस्वीरें अभी कुछ ही दिनों पहले ही वायरल हुईं थीं। यहां आपको कुछ ऐसी ही अनोखा देखने को मिलता है लेकिन वास्तविक में कोई अंतरिक्ष में होने वाली घटना नहीं होती बल्कि हानले गांव की पहाड़ी पर रात के समय दूर से दिखने वाला नजारा होता है। इसे दूर खड़े लोग दूरबीन से देखने के साथ तस्वीरों में कैद कर लेते हैं।
हानले गांव में आप ऑरोरल चाप भी देखते हैं जो पारंपरिक ऑरोरा से अलग है और गतिशील पैटर्न में विभिन्न प्रकार के रंग प्रदर्शित करता है। गांव की पहाड़ी पर एक निश्चित रंग प्रदर्शित करने के साथ यह स्थिर रहता है और आकाशगंगाएं, कई उल्का पिंड भी इसी गांव में देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में लद्दाख जाएं और दुनिया से बाहर के अनुभव को इस ऊंची पहाड़ी पर यात्रा कर महसूस करें।
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