
नई दिल्ली। 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी (SIT) की चार्जशीट के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार (Modi Government) पर आरोप लगाए हैं। सोमवार शाम उन्होंने एक ट्वीट कर कहा- 5,000 पेज वाली चार्जशीट का सच पूरे देश ने वीडियो के रूप में देखा है। फिर भी मोदी सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है। भारत गवाह है!
सिख दंगों और भोपाल गैस कांड पर राहुल राहुल को घेरा
राहुल के ट्वीट पर तमाम यूजर्स ने कमेंट किए हैं। एक यूजर ने लिखा - आप एक बात देश को बताइए आपने 5,000 पेज की चार्ज शीट पढ़ी है। क्या उसमें केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा का नाम कहीं है? उनके उपर क्या कोई आरोप है? फिर आप उनकी बर्खास्तगी की मांग क्यों कर रहें हैं? यहां तो लोग जमानत पर होने के बावजूद इस्तीफा नहीं देते। कमलजीत चावला नाम के यूजर ने लिखा - भोपाल गैस कांड के अपराधी को तो देश से ही भगा दिया।चार्जशीट बनाने/दाखिल करने का झंझट ही नहीं।1984 के सिख हत्याकांड के अपराधियों की चार्जशीट ही जमा नहीं होने दी या बदल दी गई थी। जांच आयोगभंग कर दिए गए। पप्पू जी हत्या- हत्या होती है 1 कि हो या 5 की पर इन हत्याकांडो में हजारों मारे गए थे। विवेक कुमार गुप्ता नाम के एक यूजर ने लिखा - अगर चार्जशीट की बात करेंगे तो सर कांग्रेस के खिलाफ लाखों पेज की चार्जशीट कोर्ट दाखिल हो चुकी है। शायद दो चार हजार पन्ने आपके खिलाफ भी हो। लेकिन चार्जशीट से कुछ नहीं होता है। जजमेंट देना कोर्ट का काम है आईओ का नहीं।
समर्थन में आए कुछ लोग
कुछ यूजर्स ने मोदी राहुल का समर्थन भी किया। एक अन्य यूजर ने मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का वीडियो पोस्ट कर उनकी बात लिखी। सोमवार को ही सामने आए इस वीडियो में मलिक कह रहे हैं - जब मैं किसानों के मामले में प्रधानमंत्री जी से मिलने गया तो मेरी पांच मिनट में लड़ाई हो गई। वो बहुत घमंड में थे। जब मैंने कहा कि हमारे 500 लोग मार गए तो वे बोले- मेरे लिए मरे हैं क्या? एक अन्य यूजर ने कहा- सिर्फ नाटक वाली बहू तुलसी ईरानी विरानी को छोड़कर उत्तर प्रदेश में कोई बहन, बेटी, बहू सुरक्षित नहीं है। प्रियंका सिंह नाम की एक यूजर ने कहा- किसानों के वकील का कहना है कि चार्जशीट ने अजय मिश्रा टेनी का नाम नहीं लिया गया। इसका मतलब है कि गलत चार्जशीट दाखिल की गई।
आज ही पेश हुई चार्जशीट
लखीमपुर खीरी मामले में पुलिस ने कोर्ट में 5,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। इसमें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। अब इस मामले में कोर्ट में सुनवाई शुरू होने वाली है। इसमें कोर्ट का रुख आरोपियों के खिलाफ क्या रहता है, देखने वाली बात होगी। चार्जशीट में पुलिस ने घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया है। इसमें मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में जिक्र है कि घटना के दौरान आशीष मिश्रा एसयूवी थार में मौजूद था। वहीं, उसका एक संबंधी वीरेंद्र शुक्ला घटना के समय स्कॉर्पिया में मौजूद था। उसे भी किसानों पर एसयूवी चढ़ाए जाने और हिंसा मामले में आरोपी बनाया गया है।
क्या हुआ था 3 अक्टूबर को
3 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी एक कार्यक्रम में जा रहे थे। इसी दौरान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे। आरोप है कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष ने अपनी थार SUV किसानों पर चढ़ा दी थी, इसमें चार किसानों की मौत हो गई। घटना के बाद भड़की हिंसा में एक पत्रकार और तीन अन्य लोगों को मिलाकर कुल 8 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के इस मामले में मंत्री टेनी का बेटा लगातार खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन एसआईटी को ऐसे कई सबूत मिले, जिनमें स्पष्ट है कि आशीष घटना के वक्त कार में ही था। उसकी लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने की भी पुष्टि हो चुकी है।
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