
लखनऊ. लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) में मारे गए चारों किसानों के अंतिम अरदास में प्रियंका गांधी भी पहुंचीं। लेकिन उनकी अगवानी करने गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। दु:ख के माहौल में कांग्रेस नेता का हंसना लोगों को गंवारा नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट्स कर दिए।
हंसते हुए एयरपोर्ट से निकले लल्लू
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने दो फोटो twitter पर शेयर किए। इसमें वे लखीमपुर में मारे गए किसानों के अंतिम अरदास में पहुंचीं प्रियंका गांधी को लेने लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां लल्लू किसी बात पर हंसते रहे। प्रियंका गांधी भी मुस्कराती रहीं। इस पर कुछ लोगों ने कमेंट्स किए...
#चेहरे पर मुस्कान बता रही सब...
#काश, सिख नरसंहार में मारे गए हर सिख के नरसंहार में गांधी परिवार का कोई जाता। उल्टा अपमानित किया गया। टाइटलर, कमलनाथ और सज्जन कुमार का सम्मान किया गया।
कांग्रेस ने tweet किया एक फोटो, तो आए ये कमेंट्स
कांग्रेस ने अपने twitter हैंडल पर एक फोटो शेयर किया है। इसमें प्रियंका गांधी एक किसान से बतिया रही हैं। इसमें किसान के पैर में चोट है।
कांग्रेस ने लिखा-
हर ज़ख्म पर मरहम हम लगाएंगे,
हर दर्द को मिलकर हम मिटाएंगे।
अहंकार में चूर है जो सत्ता आज,
उसके चेहरे से नक़ाब हम हटाएंगे।। इस पर लोगों ने कमेंट्स किए...
#ये तो मेरी टांग ही टूटी है ठीक हो जाएगी....पर पहले 1984 की बात करो; जो तुम लोगों ने हजारों सिख मरवाए...उसका हिसाब दो बस।
संयुक्त मोर्चा ने नहीं दी बैठने की जगह
लखीमपुर हिंसा को लेकर भी कांग्रेस और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच तनातनी सामने आई है। किसान नेता राकेश टिकैत भी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे। लेकिन किसान मोर्चा ने प्रियंका गांधी को अपने साथ नहीं बैठने दिया। वहीं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को भी जगह नहीं दी।
1984 के दंगे का जिक्र
यूपी में कुछ सिख संगठन प्रियंका गांधी के तिकनुरिया गांव दौरे के विरोध करते देखे गए। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी लखीमपुर का माहौल खराब कर रही हैं। 1984 में सिखों पर अत्याचार करने वाली कांग्रेस, कैसे सिख किसानों की हितैषी हो सकती है। राजनीति करना प्रियंका का उद्देश्य है।
केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
बता दें कि लखीमपुरम में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी (union minister ajay mishra) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को गिरफ्तार किया जा सका था।
यह है पूरा मामला
रविवार यानी 3 अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इस दौरान कुछ गाड़ियां उधर से जा रही थीं। ये गाड़ियां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की बताई गईं। रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह झड़प हो गई। बाद में ऐसा आरोप लगाया गया कि आशीष मिश्रा ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई। किसानों की मौत के बाद मामला बढ़ गया और हिंसा भड़क गई। हिंसा में बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुल मिलाकर इस हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई।
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