लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) मामले में पुलिस मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र (Ajay Mishra) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) से पूछताछ कर रही है। उसे 3 दिन की रिमांड पर लिया गया है। वहीं, लखीमपुर खीरी में मारे गए चारों किसानों की अंतिम अरदास है। इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी पहुंचीं।

लखीमपुर खीरी। यूपी के लखीमपुर की घटना (Lakhimpur Kheri Violence) के 9 दिन बाद भी सियासत जारी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) लगातार मोदी (PM Modi) और योगी सरकार (Yogi Government) पर सवाल कर रही हैं। मंगलवार को एक बार फिर प्रियंका लखीमपुर पहुंचीं। वे यहां चारों किसानों के अंतिम अरदास में शामिल हुईं। उनके साथ कांग्रेस (Congress) के अन्य नेता भी गए हैं। इधर, लखीमपुर खीरी पुलिस ने एक बार फिर मंत्री के बेटे आशीष (Ashish Mishra) से पूछताछ शुरू कर दी। उसे 3 दिन की रिमांड पर लेकर घटना का सच पता किया जा रहा है। पुलिस ने आशीष को सुबह 10 बजे हिरासत में ले लिया। एसआईटी (SIT) आरोपी आशीष से जानकारी लेकर क्राइम सीन को रिकंस्ट्रक्शन कर सकती है।

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Updates...

  • कांग्रेस का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सुबह 11.30 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। इस डेलीगेशन का राहुल गांधी नेतृत्व करेंगे। उनके साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल होंगे। कांग्रेस लखीमपुर खीरी केस में राष्ट्रपति से बात करेगी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग करेगी।
  • हिंसा मामले का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को पुलिस रिजर्व पुलिस लाइन लेकर आई। आज से उसकी तीन दिन की रिमांड शुरू हो गई है। यहां से उससे कई सवालों के जवाब लिए जा रहे हैं। आशीष का जेल के अंदर ही मेडिकल करवाया गया। इसके बाद पुलिस कस्टडी में रिमांड पर भेजा गया। 
  • प्रियंका वाड्रा के लखनऊ से लखीमपुर के रास्ते में अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य ने होर्डिंग के जरिए विरोध जताया। इसमें लिखा गया है कि नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति। दरअसल, 1984 के दंगों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताकर ये होर्डिंग लगाए गए हैं।

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नेताओं को मंच पर जाने की इजाजत नहीं
दरअसल, 3 अक्टूबर को तिकुनिया में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्रा की थार जीप ने चार किसानों को कुचल दिया था। हिंसा में 4 अन्य लोग भी मारे गए थे। घटना के बाद प्रियंका ने लखीमपुर का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद लखनऊ में मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर मौन धरना दिया था। मंगलवार को प्रियंका ‘अंतिम अरदास’में शामिल होने के लिए लखीमपुर के लिए पहुंचीं। प्रियंका मंच पर नहीं गईं। उन्होंने कार्यक्रम में किसानों को श्रद्धांजलि दी और लौट आईं। हालांकि, इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की तरफ से साफ कर दिया गया था कि किसी भी नेता को ‘अंतिम अरदास’ में मंच साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहां केवल संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मौजूद रहेंगे।

अंकित दास की कार का ड्राइवर पकड़ा गया?
पुलिस ने आरोपी अंकित दास के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ड्राइवर शेखर को पुलिस ने पकड़ लिया है। घटना के वक्त अंकित दास की कार थार जीप के पीछे चल रही थी। अंकित दास, लखनऊ में कांग्रेस नेता अखिलेश दास के भतीजे हैं।

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पूछताछ में आशीष को प्रताड़ित नहीं करेगी पुलिस
इससे पहले सोमवार को कोर्ट (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी) में आशीष मिश्रा को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने के लिए अर्जी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने 12 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक आशीष को पुलिस हिरासत में भेजने की स्वीकृति दी। हिरासत अवधि में आशीष का मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा और उन्‍हें पूछताछ के नाम पर पुलिस प्रताड़ित नहीं करेगी। उनके वकील भी मौजूद रहेंगे। 

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तिकुनिया थाने में आशीष समेत 15-20 लोगों पर एफआईआर
यूपी पुलिस के एक विशेष जांच दल (SIT) ने हिंसा के सिलसिले में आशीष को शनिवार रात करीब 10.40 बजे गिरफ्तार किया था। उससे पहले दिन में उससे करीब 12 घंटे की पूछताछ की गई। बाद में पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में लखीमपुर जिला जेल भेज दिया गया। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाने में बहराइच जिले के निवासी जगजीत सिंह की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू पर 15-20 अज्ञात लोगों के साथ किसानों पर जीप चढ़ाने और गोली चलाने का आरोप लगाया गया है।

ये धाराएं लगाई गईं...
तिकुनिया थाने में आरोपियों के खिलाफ धारा 147 (उपद्रव), 148 (घातक अस्त्र का प्रयोग), 149 (भीड़ हिंसा), 279 (सार्वजनिक स्थल पर वाहन से मानव जीवन के लिए संकट पैदा करना), 338 (दूसरों के जीवन के लिए संकट पैदा करना), 304 ए (किसी की असावधानी से किसी की मौत होना), 302 (हत्या) और 120 बी (साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है।

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