
मुंबई. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के विरोध में आज महाराष्ट्र बंद रहेगा। यह बंद महाराष्ट्र में सरकार चला रहे शिवसेना, कांग्रेस और NCP के गठबंधन महा विकास अघाड़ी ने बुलाया है। राज्य बंद के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा पेट्रोलिंग की जाएगी। मुंबई पुलिस के अनुसार इस दौरान स्टेट रिजर्व पुलिस फोस (State Reserve Police Force-SRPF) की 3 कंपनियां, 500 होमगार्ड और 700 स्थानीय शस्त्र इकाइयों के जवान गश्त करेंगे।
केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
बता दें कि लखीमपुरम में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी बंद में पूरी ताकत से उतरेगी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून बना कर कृषि उत्पादों की लूट की अनुमति दी है। अब मंत्रियों के रिश्तेदार किसानों की हत्या कर रहे हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी (union minister ajay mishra) के बेटा आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को गिरफ्तार किया जा सका था।
यह है पूरा मामला
रविवार यानी 3 अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इस दौरान कुछ गाड़ियां उधर से जा रही थीं। ये गाड़ियां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की बताई गईं। रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह झड़प हो गई। बाद में ऐसा आरोप लगाया गया कि आशीष मिश्रा ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई। किसानों की मौत के बाद मामला बढ़ गया और हिंसा भड़क गई। हिंसा में बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुल मिलाकर इस हिंसा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस पूरे मामले में आशीष का यह कहना
आरोपी आशीष मिश्रा का कहना था कि घटना वाले दिन वो सुबह 9 बजे से शाम तक बनबीरपुर में था। जो लोग उसे पसंद नहीं करते, ये उन्हीं की साजिश है। उसकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। आरोपी ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
कौन हैं आशीष मिश्रा
आशीष मिश्रा केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के छोटे बेटे हैं। हालांकि उनको इलाके के लोग मोनू कहकर भी पुकारते हैं। वह पैतृक संपत्ति में पेट्रोल पंप और राइस मिल जैसे कई बिजनस को देखते हैं। साथ ही पिता के साथ राजनीति में भी एक्टिव रहते हैं। आशीष मिश्रा साल 2012 में पिता को लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से विधायकी का टिकट मिलने के साथ ही वह राजनीति में ऐक्टिव हो गए थे। अजय मिश्र ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत जिला पंचायत सदस्य के रूप में की थी। तभी से लेकर केंद्रीय मंत्री तक पिता का पूरा चुनावी प्रचार-प्रसार आशीष मिश्रा ने संभालते हैं।
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