
मुंबई। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 (karnataka assembly election 2023) में कांग्रेस की जीत से विपक्षी दलों को ऑक्सीजन मिला है। महाराष्ट्र में विपक्षी दलों महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का गठबंधन) के नेताओं की बैठक शरद पवार के घर पर हुई। इसके बाद कहा गया कि जिस तरह कांग्रेस ने कर्नाटक में बीजेपी को हराया उसी तरह हम भी 2024 में बीजेपी का मुकाबला करेंगे।
एनसीपी के प्रमुख जयंत पाटिल ने रविवार को कहा कि महा विकास अघाड़ी आने वाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग फॉर्मूला पर विचार कर रही है। दरअसल, 2024 में लोकसभा का चुनाव होना है। इसके साथ ही अगले साल दूसरी छमाही में महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव भी होना है।
कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी पर जनता करेगी भरोसा
मुंबई स्थित शरद पवार के घर पर हुई महा विकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक में शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले भी शामिल हुए। पाटिल ने कहा, "मुझे पूरा यकीन है कि कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी जनता का भरोसा जीतेगी। हम और अधिक ताकत से काम करेंगे।"
विपक्षी दल मिलकर लड़ेंगे 2024 का लोकसभा चुनाव
पाटिल ने कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं ने फैसला किया है कि वे अन्य छोटी पार्टियों से बात करेंगे। हमारी उम्मीद है कि सभी दल मिलकर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पाटिल ने कहा, "एमवीए के तीन घटक लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले सीट-बंटवारे पर काम कर रहे हैं।"
पाटिल बोले-जून से शुरू करेंगे रैलियां
पाटिल ने कहा कि बहुत अधिक गर्मी पड़ने के चलते हमने अपनी रैलियों को रोक दिया था। गर्मी घटने पर हम फिर से अपनी रैलियां शुरू करेंगे। अगर बारिश जल्द होती है तो जून से रैलियां शुरू हो सकती हैं। रैलियां इनडोर होंगी। गौरतलब है कि कर्नाटक में 224 सीटों के लिए चुनाव हुआ है। इसमें सत्ताधारी पार्टी बीजेपी सिर्फ 66 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 135 सीटों पर जीत मिली। जनता दल (सेक्युलर) को 19 सीटों पर जीत मिली है।
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