
मुंबई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को मुंबई में शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आईना दिखाया है। कुछ लोग सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मैं इस्तीफा नहीं देता तो राहत मिल सकती थी। मैंने नैतिकता के चलते इस्तीफा दिया था। जिन लोगों को मेरा पिता ने आगे बढ़ाया, वे मेरे खिलाफ बोल रहे थे। ऐसे गद्दारों के साथ सरकार कैसे चलाता।
राज्यपाल पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर और राज्यपाल की भूमिका पर टिप्पणी की है। राज्यपाल के प्रति आदर होता है, यह बहुत बड़ा पद है। उनपर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गंभीर सवाल उठाए गए हैं। राज्यपाल को सत्र बुलाने का अधिकार नहीं था। उद्धव ने कहा कि जिस तरह मैंने नैतिकता के चलते इस्तीफा दिया था उसी तरह वर्तमान सीएम इस्तीफा दें।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए काम करना है: उद्धव ठाकरे
नीतीश कुमार के साथ हुई मुलाकात के बारे में उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना हमारा काम है। कोर्ट ने कहा कि अगर मैं रिजाइन नहीं देता तो फिर से मुख्यमंत्री बन सकता था। मेरी लड़ाई खुद के लिए नहीं है, यह लड़ाई जनता के लिए है। राजनीति में विवाद होते रहते हैं। इस देश को बचाना है। संविधान को बचाना है। नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हुए उद्धव ने कहा कि ये पूरे देश में जा रहे हैं। हम साथ मिलकर लोकतंत्र को बचाने के लिए काम करेंगे। ये लोग फिर से एक बार देश को गुलाम बनाना चाहते हैं उनको फिर से घर भेजेंगे।
नीतीश कुमार बोले- एकजुट होकर लड़ेंगे तो सफलता मिलेगी
नीतीश कुमार ने कहा, "हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक पार्टियां एकजुट हों और मिलकर लड़ें। आज जो केंद्र में हैं वे देश के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं। ये लोग काम नहीं कर रहे सिर्फ प्रचार कर रहे हैं। कहीं कोई काम हो रहा है है बताइए? अलग-अलग राज्यों में जिन लोगों ने काम किया है उसकी चर्चा नहीं होती।"
बिहार के सीएम ने कहा, "समाज में विवाद पैदा नहीं होनी चाहिए। एकता रहनी चाहिए। हमलोग यही चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा पार्टियां एकसाथ मिलकर काम करें। इनसे (उद्धव ठाकरे) हमारी बात होती रहती है। इनका और हमलोगों का विचार एक है। देश के लिए काम करना है। पूरे देश को एकजुट करना है और आगे बढ़ना है। सभी लोग एकजुट होंगे और मुकाबला करेंगे तो सफलता मिलेगी। मैं अपने लिए कुछ नहीं करना चाहता। मैं सिर्फ सभी लोगों को एकजुट करना चाहता हूं।"
लोकसभा चुनाव से पहले पूरे विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं नीतीश
गौरतलब है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं से बात की। विपक्षी दलों की एक बैठक पटना में होने वाली है।
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