
नई दिल्ली। दुनिया के कई हिस्सों में 15-16 मई को सुपर ब्लड मून दिखा। चंद्रमा खूनी लाल रंग का दिखा। 80 साल बाद ऐसा संयोग हुआ है जब बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण लग गया। चंद्रग्रहण के समय भारत में सुबह थी, इसलिए यहां के लोगों को यह नजारा नहीं दिखा।
2022 का पहला चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है। उस दिन चंद्रग्रहण लगने पर चंद्रमा का रंग लाल दिखता है। इसके चलते इसे ब्लड मून भी कहते हैं। ग्रहण के दौरान ऐसा लग रहा था कि चंद्रमा में हल्की लाल रंग की चमक थी। ऐसा सौर प्रकाश की लाल तरंगों के चंद्रमा की सतह तक पहुंचने और वापस परावर्तित होकर पृथ्वी के वायुमंडल से फिल्टर होने के चलते दिखा।
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ग्रहण के अलग-अलग क्षणों के दौरान ऐसा भी लग रहा था कि चंद्रमा नारंगी और भूरे रंग का हो गया है। द्रग्रहण सुबह 7:58 बजे (भारतीय समय अनुसार) शुरू हुआ और 11:25 बजे खत्म हो गया। अगला चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को लगेगा। अधिक संभावना है कि नवंबर का चंद्र ग्रहण भारतीय उपमहाद्वीप पर दिखाई देगा। भारत के कुछ हिस्सों में सूर्य के अस्त होने और चंद्रमा के उगते ही ग्रहण दिखाई देगा।
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