
अमरावती। महाराष्ट्र (Maharashtra) के अमरावती (Amravati) में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं (Internet shut) बंद कर दी गईं हैं और कर्फ्यू (curfew) लगा दिया गया है। कर्फ्यू अगले चार दिनों तक के लिए लगाया गया है। इसके बाद समीक्षा कर उस पर विचार किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि त्रिपुरा में हालिया हिंसा की निंदा करने के लिए पहले मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित रैलियों में हिंसा हुई, इसके विरोध में शनिवार को स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से आयोजित बंद के दौरान भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया गया।
पुलिस आयुक्त आरती सिंह (Aarti Singh) ने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाली अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों तक बंद रहेंगी। उन्होंने घोषणा की कि कर्फ्यू चार दिनों तक लागू रहेगा।
इस तरह शुरू हुई हिंसा
शुक्रवार को त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में अमरावती, नांदेड़, मालेगांव, वाशिम और यवतमाल में मुस्लिम संगठनों द्वारा निकाली गई रैलियों के दौरान पथराव के बाद हिंसा भड़की थी। शुक्रवार की घटनाओं के संबंध में पुलिस ने अब तक दंगा सहित विभिन्न आरोपों में 20 प्राथमिकी दर्ज कर 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य को हिरासत में लिया है। दरअसल, त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार को रोकने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपने के लिए शुक्रवार को 8,000 से अधिक लोग अमरावती में जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमा हुए थे। जब लोग ज्ञापन सौंपकर निकल रहे थे तो कोतवाली थाना क्षेत्र के चित्रा चौक और कपास बाजार के बीच तीन स्थानों पर पथराव हुआ।
शनिवार को विरोध में हुआ बंद और फिर हुई हिंसा
शनिवार की सुबह, मुंबई से लगभग 670 किलोमीटर दूर स्थित पूर्वी महाराष्ट्र शहर के राजकमल चौक इलाके में सैकड़ों लोग, जिनमें से कई हाथों में भगवा झंडा थामे और नारे लगाते हुए सड़कों पर निकल आए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ के कुछ सदस्यों ने राजकमल चौक और अन्य स्थानों पर दुकानों पर पथराव किया, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
दो दिनों की हिंसा के बाद लगाया गया कर्फ्यू
शुक्रवार और शनिवार को लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं की पृष्ठभूमि में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने धारा 144(1), (2), (3) के तहत अमरावती की शहर सीमा में कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी किए हैं। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। आदेश के अनुसार पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है।
शिवसेना ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने की साजिश
इस बीच, विपक्षी भाजपा पर हमला करते हुए, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अमरावती और अन्य स्थानों पर हिंसा का उद्देश्य एमवीए सरकार को अस्थिर करना था। राउत ने कहा कि जल्द हिंसा के अपराधियों के असली चेहरे सामने आ जाएंगे।
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