कोरोना : रामदेव की दवा को महाराष्ट्र सरकार ने बताया नकली, कहा, हमारे राज्य में नहीं बिकेगी

Published : Jun 25, 2020, 11:14 AM ISTUpdated : Jun 25, 2020, 11:15 AM IST
कोरोना : रामदेव की दवा को महाराष्ट्र सरकार ने बताया नकली, कहा, हमारे राज्य में नहीं बिकेगी

सार

बाबा रामदेव की कोरोना की दवा पर महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रतिबंध लगा दिया है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा, कोरोनिल के क्लीनिकल ट्रायल के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। हम बाबा रामदेव को चेतावनी देते हैं कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगी। बता दें कि इससे पहले राजस्थान सरकार ने भी दवा की बिक्री पर रोक लगा दी है।

मुंबई. बाबा रामदेव की कोरोना की दवा पर महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रतिबंध लगा दिया है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा, कोरोनिल के क्लीनिकल ट्रायल के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। हम बाबा रामदेव को चेतावनी देते हैं कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगी। बता दें कि इससे पहले राजस्थान सरकार ने भी दवा की बिक्री पर रोक लगा दी है। 

राजस्थान सरकार ने भी जताई नाराजगी
राजस्थान सरकार ने भी बाबा रामदेव के कोरोना की दवा खोजने के दावे को फ्रॉड बताया। राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, महामारी के समय बाबा रामदेव ने इस तरह से कोरोना की दवा बेचने की कोशिश की है जो अच्छी बात नहीं है।

उत्तराखंड सरकार ने कहा, हमने तो कफ और बुखार की दवा का लाइसेंस दिया था
उत्तराखंड सरकार ने भी पतंजलि को नोटिस भेजा है। उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग के लाइसेंसिंग ऑफिसर का कहना है कि पतंजलि के अप्लीकेशन पर हमने लाइसेंस जारी किया। इस अप्लीकेशन में कहीं भी कोरोना वायरस का जिक्र नहीं था। इसमें कहा गया था कि हम इम्युनिटी बढ़ाने, कफ और बुखार की दवा बनाने का लाइसेंस ले रहे हैं। विभाग की ओर से पतंजलि को नोटिस भेजा गया है।

"बिना परमीशन ट्रायल का दावा किया"
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, बाबा रामदेव को ICMR और राजस्थान सरकार में से किसी भी कोरोना की आयुर्वेद दवा के ट्रायल के लिए परमीशन लेनी चाहिए थी, मगर बिना परमीशन के और बिना किसी मापदंड के ट्रायल का दावा किया गया है जो कि गलत है।

आयुष मंत्री भी जता चुके हैं नाराजगी
केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने मीडिया से बातचीत में कहा, मंत्रालय से अनुमति के बिना अपनी दवाई की घोषणा नहीं करना चाहिए था। पूरे मामले को टॉस्क फोर्स को भेजा है। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने कोई भी अनुमति नहीं ली। बाबा रामदेव से जो जवाब मांगे गए थे, उन्होंने उसका जवाब भेजा है। आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा, पतंजलि के जवाब और मामले की टास्क फोर्स समीक्षा करेगी कि उन्होंने क्या फार्मूला अपनाया है। इसके बाद ही अनुमति दी जाएगी।
- आयुष मंत्री ने कहा, इजाजत नहीं लेना ही हमारी आपत्ति है। अगर कोई दवा मार्केट में लाता है तो खुशी की बात है, लेकिन पहले इजाजत लेनी चाहिए थी। आयुष मंत्रालय भी बना रहा कोरोना की दवाआयुष मंत्रालय भी कोरोना पर दवा बनाने पर काम कर रहा है। जुलाई महीने तक आयुष मंत्रालय भी कोरोना वायरस की दवा मार्केट में लेकर आ सकता है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला