बांग्लादेश ने 95 भारतीय मछुआरों को किया रिहा, ममता सरकार देगी 10-10 हजार रुपये

Published : Jan 06, 2025, 04:16 PM ISTUpdated : Jan 06, 2025, 09:34 PM IST
fishermen alert

सार

बांग्लादेश ने 95 भारतीय मछुआरों को रिहा किया, भारत ने भी 90 बांग्लादेशी मछुआरों को छोड़ा। पश्चिम बंगाल सरकार ने रिहा हुए भारतीय मछुआरों को 10,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की।

Bangladesh to release 95 fishermen: गलती से बांग्लादेश की सीमा में पकड़े गए 95 भारतीय मछुआरों को वहां की सरकार ने रिहा कर सुपुर्द कर दिया है। इसके बदले में नई दिल्ली ने बांग्लादेश के 90 मछुआरों को रिहा किया। उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने यह ऐलान किया है कि वह सभी छूटे भारतीय मछुआरों को 10-10 हजार रुपये की सहायता देगी। दोनों देशों के बीच काफी दिनों से तनावपूर्ण माहौल के बीच यह फैसला सौहार्द बनाने में बड़ा कदम माना जा सकता है।

मछली पकड़ने वाली कौशिक नाव के 12 मछुआरे भी रिहा

शनिवार को दोनों देशों के बीच मछुआरों का आदान-प्रदान संबंधित कोस्ट गार्ड द्वारा किया गया। इंडियन कोस्टल गार्ड और बांग्लादेशी कोस्ट गार्ड ने मछुआरों की रिहाई के बाद सुपुर्दगी सुनिश्चित की। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने 95 मछुआरों और चार मछली पकड़ने वाली नावों को सौंपा तो भारत ने 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा किया। बांग्लादेश के मछुआरों में मछली पकड़ने वाली कौशिक नाव के 12 मछुआरे भी शामिल थे।

यह भी पढ़ें: भारत में ट्रेनिंग नहीं लेंगे बांग्लादेश के जज, अंतरिम सरकार ने रद्द किया प्रोग्राम

इंडियन कोस्ट गार्ड ने पश्चिम बंगाल के हवाले किया मछुआरों को

बांग्लादेश से रिहा हुए भारतीय मछुआरों को इंडियन कोस्ट गार्ड ने बाद में पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य पालन अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया। यह सुपुर्दगी 24 परगना जिला में हुई। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी रिहा हुए मछुआरों के लिए सरकारी सहायता का ऐलान किया। ममता सरकार ने बताया कि 95 मछुआरों को 10-10 हजार रुपये की सहायता सरकार की ओर से दी जाएगी।

सामान्य नहीं है भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध

बांग्लादेश के उग्र आंदोलन के बाद पिछले साल 5 अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना का तख्तापलट हो गया। उग्र आंदोलन की वजह से शेख हसीना को देख छोड़ना पड़ा था और सेना ने सत्ता को हाथ में ले लिया था। बाद में 8 अगस्त को नोबल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। शेख हसीना ने भारत में शरण ली है। उधर, अंतरिम सरकार के गठन के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कई मंदिरों को तोड़ दिया गया। वहां के इस्कॉन मंदिर के पुजारियों को अरेस्ट कर लिया गया। हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ भारत ने सख्त आपत्ति जतायी है। इस बीच बांग्लादेश के भारत स्थित उच्चायोग पर हमला के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

यह भी पढ़ें:

3500 करोड़ की संपत्ती वाली महिला प्रधानमंत्री, 43cr. की तो सिर्फ घड़ियां हैं…

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

कंधे पर कुदाल-माथे पर गमछा..चेहरे पर मुस्कान, मनरेगा बचाओ में राहुल-खड़गे का देसी लुक
22 जनवरी की 5 बड़ी खबरें: जम्मू में पलटी सेना की गाड़ी, सोना-चांदी सस्ते