ममता की पीएम मोदी को चिट्ठी: रेप के मामलों पर स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग

Published : Aug 22, 2024, 07:57 PM ISTUpdated : Aug 23, 2024, 12:27 AM IST
RG Kar Hospital  Mamata Banerjees letter to Narendra Modi seeking speedy trial in rape case bsm

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशभर में बढ़ते रेप के मामलों पर चिंता जताते हुए PM मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना और 15 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करने की मांग की है।

Mamata Banerjee letter to PM Modi: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की रेप व हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस शर्मनाक घटना ने ममता सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। देशभर में रेप की घटनाओं के पीड़िताओं को न्याय के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने रेप के मामलों को 15 दिनों में निपटाने के लिए देशभर में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की मांग की है।

पीएम को लिखे लेटर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पूरे भारत में रेप के मामलों में खतरनाक वृद्धि हुई है। देश में हर दिन 90 के आसपास रेप के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों से समाज के विश्वास और विवेक को झटका लगा है। महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और वर्तमान स्थिति में उनको इंस्टैंट जस्टिस मिलनी चाहिए।

पढ़िए ममता बनर्जी ने क्या-क्या लिखा...

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लेटर में लिखा:

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मैं आपका ध्यान पूरे देश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। कई मामलों में बलात्कार के साथ हत्या भी की जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह देखना भयावह है कि पूरे देश में प्रतिदिन लगभग 90 बलात्कार के मामले सामने आते हैं। इससे समाज और राष्ट्र का विश्वास और विवेक डगमगाता है। इसे समाप्त करना हमारा परम कर्तव्य है, ताकि महिलाएँ सुरक्षित महसूस करें।

महिलाओं के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने पर विचार करें, जिसमें ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल लोगों के लिए कठोर सजा का प्रावधान हो।बलात्कार के मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स की स्थापना की जाए। यहां ऐसे मामलों की सुनवाई आदर्श रूप से 15 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। इस तरह के गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को कठोर केंद्रीय कानून से ही रोका जा सकता है। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान हो।

9 अगस्त को मिली थी ट्रेनी डॉक्टर की लाश

आरजी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर की लाश 9 अगस्त को मिली थी। ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप कर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पूरे देश के डॉक्टर्स इस रेप व हत्या के मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर की रेप व हत्या के बाद देशभर में मेडिकल प्रोफेशनल्स सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए हड़ताल पर चले गए थे। हालांकि, गुरुवार 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आश्वासन के बाद आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने स्ट्राइक खत्म करने का ऐलान किया। ट्रेनी डॉक्टर केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रोफेशनल्स की सुरक्षा चिंताओं पर गंभीरता दिखाते हुए नेशनल टॉस्क फोर्स का गठन किया था। 

गुरुवार को सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने साफ कहा था कि न्याय और चिकित्सा हड़ताल पर नहीं जा सकते हैं। चिकिस्ता सुविधा के अभाव में हम गरीबों को बेसहारा नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने डॉक्टर्स से ड्यूटी पर वापस लौटने की अपील करते हुए सिक्योरिटी को लेकर प्रोटोकॉल बनाने के लिए आश्वस्त भी किया था।

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