
Manipur Violence: मणिपुर में मैतेई और कुकी जातीय हिंसा का खौफनाक दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिरीबाम में मैतेई कम्युनिटी के रिलीफ कैंप में रह रहे लैशाराम हीरोजीत के परिवार के सदस्यों को मार डाला गया है। हत्यारों ने हीरोजीत के 2.5 साल के बेटे को भी मार डाला। हीरोजीत की सास और मासूम बच्चे की सड़ी गली लाश एक नदी के पास बरामद हुई है। हीरोजीत के दो बच्चों, उनकी पत्नी, सास, साली और साली के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। हीरोजीत शॉक्ड हैं, वह समझ नहीं पा रहे कि उनके ढाई साल के बेटे ने किसका क्या बिगाड़ा था जोकि उसे मार डाला गया।
दरअसल, संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने बीते दिनों परिवार के छह सदस्यों को बंधक बना लिया था। इसमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। बाद में इन बच्चों और महिलाओं की बेरहमी से हत्या कर शव को इधर-उधर फेंक दिया।
मणिपुर पुलिस ने बताया कि हीरोजीत की 60 साल की सास और उनके ढाइार् साल के बेटे की सड़ रही लाश उनको जिरीबाम के पास बहने वाली एक नदी में तैरते मिली है। आतताइयों ने मासूम बच्चे का सिर कलम कर दिया था। उनके शरीर को कई टुकड़ों में काटा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे की धड़ नदी में बहते समय एक पेड़ की लटकती डाल में फंसा हुआ था। उसका हाथ भी कटा था। सिर भी गायब था। जबकि लड़के की नानी का अर्धनग्न शव नदी में मुंह के बल तैरता हुआ मिला।
मणिपुर की राजधानी इंफाल से करीब 220 किलोमीटर दूर जिरीबाम के बोरोबेक्रा में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों और सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ बीते सोमवार को हुई थी। इस एनकाउंटर में सीआरपीएफ ने कम से कम दस उग्रवादियों को मार गिराया था। काफी संख्या में यह आततायी आसपास के इलाकों में फैलकर आतंक फैलाने लगे थे। इन लोगों उसी दौरान एक ढाई साल के बच्चे एल चिंगहेईंगनबा और उसकी नानी वाई रानी देवी को परिवार के अन्य चार लोगों के साथ अगवा कर लिया था। इसके बाद उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। शुक्रवार को पुलिस ने तीन शव बरामद किए। इसमें हीरोजीत के 8 महीने का बच्चा, उनकी पत्नी की बहन और साली का 8 साल का बेटे का शव था। रविवार को ढाई साल के बच्चे और नानी का शव बरामद हो गया है। अब केवल हीरोजीत की पत्नी का पता नहीं चला है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी छह लोगों को उग्रवादियों ने मार दिया है।
शनिवार को छह लोगों की हत्या की खबर सामने आने के बाद इंफाल एक बार फिर अशांत हो गया। हिंसा भड़कने के बाद राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। हजारों लोगों ने विधायक-मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में उग्र भीड़ ने हमला बोल दिया। शनिवार की देर रात तक भीड़ ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के निजी आवास पर भी हमला किया। वहां सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। उधर, रविवार को मणिपुर में बढ़ी हिंसा की सूचना के बाद अमित शाह ने अपने चुनावी कार्यक्रम रद्द कर देर शाम को सुरक्षा संबंधी कई रिव्यू मीटिंग किए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया कि मणिपुर में हुई दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। कुकी आतंकवादियों ने मैतेई समुदाय के 6 निर्दोष लोगों (3 महिलाओं और 3 नाबालिगों) का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। आतंकवाद की निंदा करता हूं! दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग करता हूं।
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओ इबोबी सिंह ने कहा कि राज्य के हित में यदि आवश्यक हो तो विधायक सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। हमने पहले ही कहा है कि अगर संकट हल हो सकता है तो हम विधायक इस्तीफा दे देंगे। अगर हमारे इस्तीफे से संकट हल हो सकता है तो हम राज्य के हित में इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। लेकिन स्थिति की जिम्मेदारी राज्य और केंद्र पर है; कोई कानून और व्यवस्था नहीं है। संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। यह सरकार की जिम्मेदारी है जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते।
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