
इंफाल। मणिपुर में हुई हिंसा में अब तक 60 लोगों की मौत हुई है और 200 से अधिक घायल हुए हैं। सोमवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाई जाएगी। अशांति रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। हिंसा शुरू होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जल्द केंद्रीय बलों को भेजने के लिए धन्यवाद दिया।
1700 घरों को जला दिया गया
बीरेन सिंह ने कहा कि हिंसा से प्रभावित हुए लोगों की अच्ची देखभाल की जा रही है। उन्होंने कहा, "करीब 60 लोगों की मौत हुई है और 231 घायल हुए हैं। करीब 1700 घरों को जला दिया गया। मणिपुर में विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को सर्वोत्तम संभव देखभाल और सहायता प्रदान की जा रही है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 10 हजार अभी भी फंसे हुए हैं।
हिंसा की जिम्मेदारी तय करने के लिए होगी हाई-लेवल जांच
मुख्यमंत्री ने कहा, "हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों और समूहों की पहचान के लिए हाई-लेवल जांच होगी। ऐसे सरकारी अधिकारियों की पहचान की जाएगी जो अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे। मैं सभी से निराधार अफवाहें न फैलाने और उनपर विश्वास नहीं करने की अपील करता हूं। अब तक कुल 35,655 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, इनमें 1593 छात्र हैं।"
सीएम ने कहा, "मैं जनता से अर्धसैनिक और पुलिस से सहयोग करने की अपील करता हूं। मैं उनसे भी अपील करता हूं कि प्रभावित परिवारों को उनके घरों में लौटने में सक्षम बनाने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाएं।" गौरतलब है कि कई राज्य सरकारें मणिपुर से अपने नागरिकों को निकालने की योजना पर काम कर रही हैं। सोमवार को भी मणिपुर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी रहा। रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने के लिए रविवार को कर्फ्यू में कुछ ढील दी गई थी।
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