मणिपुर के 10 आदिवासी विधायकों ने लगाया बड़ा आरोप, बोले-राज्य में हिंसा के पहले कुकी पुलिसवालों के सारे अधिकार छीनकर हथियार वापस ले लिए गए

Published : May 20, 2023, 10:20 PM IST
Manipur Violence

सार

राज्य की राजधानी इंफाल घाटी में और उसके आसपास रहने वाले मैतेई और पहाड़ियों में बसे कुकी जनजाति के बीच खूनी झड़प हुई है। 3 मई से लगातार हुई झड़प में कम से कम 70 लोगों की मौत हो चुकी है।

Manipur violence updates: मणिपुर में हिंसा के बाद 10 आदिवासी विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लेटर लिखकर पुलिस पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। आदिवासी विधायकों का आरोप है कि मैतेई व कुकुी हिंसा के पहले मणिपुर पुलिस ने कुकी पुलिस से सारे अधिकार छीन लिए और उन्हें नि:शस्त्र कर दिया। हालांकि, आदिवासी विधायकों के आरोपों को राज्य पुलिस प्रमुख ने खारिज कर दिया है।

आदिवासी विधायकों ने की अलग प्रशासन की मांग, कहा-अब इनके साथ नहीं रह सकते...

मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व की सरकार है। यहां के दस विधायकों ने गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर कुकी पुलिस के साथ अत्याचार का आरोप लगाया है। लेटर लिखने वाले विधायकों में 7 बीजेपी और 3 उसकी सहयोगी पार्टी कुकी पीपुल्स अलायंस के हैं। इन लोगों ने राज्य में आदिवासियों के लिए अलग प्रशासन की मांग की है। आदिवासी विधायकों ने कहा कि वह अब एक साथ नहीं रह सकते। विधायकों के पत्र में यह भी आरोप लगाया कि सभी कुकू पुलिस अधिकारियों से... सभी शक्तियां छीन ली गईं। 3 मई से बहुत पहले निहत्थे और निष्क्रिय कर दिए गए।

कम से कम 70 लोगों की जान जा चुकी

राज्य की राजधानी इंफाल घाटी में और उसके आसपास रहने वाले मैतेई और पहाड़ियों में बसे कुकी जनजाति के बीच खूनी झड़प हुई है। 3 मई से लगातार हुई झड़प में कम से कम 70 लोगों की मौत हो चुकी है। यह लोग घाटी में रहने वाले अनुसूचित जनजातियों में शामिल होने की मांग कर रहे थे।

मणिपुर पुलिस ने किया आरोपों को खारिज

उधर, मणिपुर के पुलिस महानिदेशक पी डोंगल ने कहा कि सरकार द्वारा ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीजीपी से लेकर सबसे निचली रैंक तक के सभी कुकी / मैतेई पुलिसकर्मी, चाहे खाकी में हो या हरे रंग में, सभी जहां हैं वहां काम कर रहे हैं। मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से बचने की सलाह देते हुए ऐसी खबरें चलाने वालों को आगाह किया है।

इन विधायकों ने की अलग प्रशासन की मांग

10 आदिवासी विधायकों ने अलग प्रशासन की मांग करते हुए गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। पत्र लिखने वालों में हाओखोलेट किपगेन (सैतु), नगुरसंग्लुर सनाटे (तिपाईमुख), किम्नेओ हाओकिप हंगशिंग (साइकुल), लेपाओ हाओकिप (तेंगनूपाल), एलएम खौटे (चुराचंदपुर), लेटजमांग हाओकिप (हेंग्लेप), चिनलुनथांग (सिंगगेट), पाओलीनलाल हाओकिप (सैकोट), नेमचा किपगेन (कांगपोकपी) और वुंगजागिन वाल्टे (थानलॉन) शामिल हैं।

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