
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए नायक दीपक नैनवाल की पत्नी 11 माह की ट्रेनिंग के बाद सेना में शामिल हो गईं। उन्होंने बतौर लेफ्टनेंट जॉइन किया। दीपक 2018 में कश्मीर में आतंकियों की गोली से घायल हो गए थे। 40 दिन तक इलाज के बाद वे शहीद हो गए थे।
शनिवार को पासिंग आउट परेड में ज्योति के दोनों बच्चे भी शामिल हुए। 2018 में पति की शहादत के बाद ही ज्योति ने देश की सेवा करने का फैसला कर लिया था। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग ली। सेना में बतौर अधिकारी जॉइन करने के बाद ज्योति ने कहा - मैं अपने पति की रेजीमेंट (महार रेजीमेंट) की बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं। कठिन समय में वे मेरे साथ खड़े रहे और बेटी की तरह संभाला।
परिवार की पहली आर्मी अफसर होंगी
32 साल की लेफ्टिनेंट ज्योति (Lieutenant Nainwal) ने अपने चौथे प्रयास में OTA एग्जाम पास किया। वह अपने परिवार की पहली आर्मी ऑफिसर होंगी। उनके पति दीपक 1 राष्ट्रीय रायफल के सदस्य थे और जम्मू-कश्मीर में पदस्थ थे। कुलगाम में कई एनकाउंटर ऑपरेशंस में वे टीम का हिस्सा रहे। 10 अप्रैल 2018 को इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उनकी टीम ने सर्चिंग ऑपरेशन चालू किया था। इस दौरान छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसके बाद करीब 12 घंटे तक सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चली। दोनों तरफ से हुई जबरदस्त फायरिंग में दीपक नैनवाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें थीं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें आर्मी के दिल्ली स्थित रेफरल अस्पताल लाया गया, इसके बाद पुणे के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती किया गया। 40 दिन तक इलाज के बाद वे मई 2018 में शहीद हो गए। उत्तराखंड के चमोली जिले के नैनवाल अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और माता पिता को छोड़ गए थे।
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