
नई दिल्ली। ओलंपिक खिलाडि़यों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भारतीय ओलंपिक संघ ने मेडिटेशन पार्टनर का चयन किया है। मेडिटेशन मैनेजमेंट और स्मार्ट मेडिटेशन रिंग की स्टार्टअप ‘ध्यान’ अब भारतीय ओलंपियन्स के मानसिक स्वास्थ्य सेवा का प्रबंधन करेगा। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य खिलाडि़यों को मानसिक स्तर पर मजबूत करना है।
ध्यान की स्थापना बैडमिंटन लीजेंड पुलेला गोपीचंद व भैरव ने की
ध्यान स्टार्टअप की स्थापना भारतीय बैडमिंटन के दिग्गज पुलेला गोपीचंद और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र व बायोमेडिकल टेक्नोलॉजी उद्यमी भैरव शंकर ने की है। दोनों के संयुक्त प्रयास से स्मार्ट ध्यान रिंग को विकसित किया गया है। ध्यान रिंग को पहनने वाले के ‘माइंडफुल मिनट्स‘ का रिकार्ड दर्ज होता है। यह आपके हृदय गति परिवर्तनशीलता (एचआरवी) या लगातार दिल की दो धड़कनों के बीच के अंतर को लगातार ट्रैक करके एनालिसिस करता है कि आपका मानसिक स्वास्थ्य कैसा है। हर ध्यान सत्र को तीन बुनियादी सिद्धांतों में विभाजित किया जाता है - सांस लेने की गुणवत्ता, ध्यान और विश्राम। स्मार्ट रिंग पहनने वाले के फोकस, प्रोडक्टिविटी में सुधार के साथ मानसिक स्वास्थ्य को सही करता है। बैडमिंटन दिग्गज पुलेला गोपीचंद अपने छात्रों पर इस रिंग का सकारात्मक प्रभाव देख रहे हैं।
(स्मार्ट ध्यान रिंग के साथ भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद)
ओलपिंक में उपयोग होने वाला पहला ध्यान यंत्र
दरअसल, 2018 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का शिखर सम्मेलन हुआ था। इसमें खेलो में मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए आम सहमति बनी थी। भारत ने अपने खिलाडि़यों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपनी पुरानी विधाओं को पहचाना और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर इसका बेहतर इस्तेमाल किया है। इसी का नतीजा है कि स्मार्ट ध्यान रिंग ओलंपिक का पहला अधिकारिक ध्यान यंत्र बन गया है।
ध्यान खिलाडि़यों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सहायक
ध्यान स्टार्टअप के एमडी भैरव शंकर ने बताया कि शोध से हमें पता चलता है कि ध्यान तनाव से निपटने, ध्यान बढ़ाने और ध्यान की शक्ति के माध्यम से एक सकारात्मक स्थिति का निर्माण करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि कंपनी एथलीटों पर ध्यान के लाभों पर शोध कर रही है। यह आगामी खेलों में भारतीय दल को अपना सर्वश्रेष्ठ देने में मदद करेगा। हम आईओए के साथ मिलकर सामूहिक मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।
(स्मार्ट ध्यान रिंग के साथ IOA के महासचिव राजीव मेहता)
डेटा संचालित ध्यान भारतीय दल को लाभ पहुंचाएगाः गोपीचंद
ध्यान के निदेशक और भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा कि टोक्यो 2020 ओलंपिक खेल असाधारण परिस्थितियों के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। मैंने हमेशा अपने पूरे करियर में ध्यान के लाभों पर भरोसा किया है। एक खिलाड़ी और एक कोच के रूप में मुझे विश्वास है कि ध्यान की मदद से डेटा-संचालित ध्यान भारतीय दल को बेहतर तैयारी करने में मददगार साबित होगा।
आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, ‘आईओए को टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल को अत्याधुनिक चिकित्सा-ग्रेड तकनीक प्रदान करने के लिए ध्यान के साथ मिलकर गर्व है। ध्यान के समर्थन से हम टीम के प्रत्येक सदस्य को पहनने योग्य ध्यान उपकरण प्रदान करेंगे जो ध्यान के दौरान महत्वपूर्ण बायोफीडबैक प्रदान करने में सक्षम है।
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