
अयोध्या. रानी बाजार मोहल्ले में रहने वाली गायत्री देवी उन चंद लोगों में हैं, जिन्हें राम मंदिर भूमि पूजन का निमंत्रण मिला है। वे कहती हैं कि कार्यक्रम में जरूर शामिल होंगी। हालांकि, उनके शामिल होने की वजह थोड़ी अलग है। गायत्री देवी के पति रमेश पांडेय कारसेवक थे। उनकी जान 2 नवंबर 1990 में पुलिस की गोली लगने से चली गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गायत्री देवी कहती हैं, उन्हें जैसे ही निमंत्रण के बारे में पता चला, उन्होंने फैसला कर लिया कि वे कार्यक्रम में जरूर जाएंगी। वे कहती हैं कि कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति पति रमेश पांडेय की आंत्मा को शांति देगी। जो वहां गए तो थे, लेकिन कभी वापस नहीं लौटे।
हर रोज की तरह रामलला के दर्शन करने गए थे
गायत्री देवी पांडे ने बताया कि जब ये हादसा हुआ, उनके पति की उम्र 35 साल थी। उनके पति एक ईंट भट्टे में मैनेजर थे। वह हर रोज की तरह ही रामलला के दर्शन करने पुहंचे थे। लेकिन पुलिस ने रोका तो वे घर लौटने लगे। उसी वक्त उन्हें एक दूसरे पुलिसवाले ने पीछे से गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
काफी कठिन जीवन बीता
गायत्री देवी बताती हैं, उनके चार बच्चे हैं। पति की मौत के बाद मुश्किल से घर का गुजारा कर सकीं। लेकिन वे अपने बच्चों के लिए जितना बेहतर कर सकती थीं, उन्होंने किया। अब सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। लेकिन वे अभी भी खुद को अकेला महसूस करती हैं। उनका एक बेटा अभी मंदिर निर्माण की कार्यशाला में काम करता है। यहां मंदिर निर्माण का काम सालों से चल रहा है।
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