
Meghalaya post poll violence: मेघालय विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद कई जगह हिंसा की सूचनाएं आई हैं। राज्य के कम से कम तीन विधानसभाओं में चुनाव बाद हिंसा में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए हैं। मैरांग जिला उपायुक्त के ऑफिस के बाहर कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार (3 मार्च) को कहा कि मेघालय में कम से कम तीन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव के बाद हुई हिंसा में कई लोग घायल हो गए जबकि एक व्यक्ति रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया।
चुनाव बाद हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स के मरियांग निर्वाचन क्षेत्र, ईस्ट खासी हिल्स के शेला और वेस्ट जयंतिया हिल्स के मोकायाव में हिंसा की कई घटनाएं हुईं। हालांकि, इन क्षेत्रों में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू है। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मैरांग में उपायुक्त कार्यालय के परिसर में खड़े कई वाहनों में आग लगा दी गई। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। यह घटना गुरुवार को कांग्रेस समर्थकों द्वारा मैरंग विधानसभा क्षेत्र के परिणामों पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीसी कार्यालय में एकत्र होने के तुरंत बाद हुई।
दरअसल, मेघालय विधानसभा अध्यक्ष और यूडीपी प्रमुख मेटबाह लिंगदोह ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बत्शेम रिनथियांग को मायरांग में मामूली अंतर से हराया। लिंगदोह को विधानसभा सीट से फिर से निर्वाचित घोषित किया गया। वह 19,066 वोट हासिल किए थे जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 18,911 वोट मिले। कांग्रेस समर्थक गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए उग्र हो गए। हालांकि, जिला पुलिस ने रात में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और स्थिति पर काबू पा लिया। लेकिन कुछ ही देर में स्थितियां और खराब हो गईं।
सोहरा में एनपीपी समर्थकों ने किया हंगामा
सोहरा में एक अन्य घटना में एनपीपी के समर्थकों ने शेला विधानसभा क्षेत्र के परिणामों से निराश होने के बाद एसडीओ के कार्यालय पर पथराव किया। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बालाजीद कुपर सिनरेम ने नेशनल पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार ग्रेस मैरी खारपुरी को 434 मतों से हराकर शेला सीट जीती।
पश्चिमी जयंतिया हिल्स में भी हिंसा
पश्चिमी जयंतिया हिल्स के सहसनियांग गांव में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद दो गुटों के बीच झड़प हुई। स्थिति बिगड़ता देख जिला प्रशासन ने क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि लोगों के उग्र तेवर को देखते हुए कर्फ्यू लगाया गया है। आशंका है कि हिंसा फैल सकती है और तेज हो सकती है। भीड़ सरकारी संपत्ति का नुकसान पहुंचा सकती है और जानमाल का नुकसान हो सकता है।
मेघालय में एनपीपी बड़ी पार्टी के रूप में उभरी...
मेघालय में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आए हैं। यहां एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। एनपीपी ने 59 निर्वाचन क्षेत्रों में से 26 सीटों पर जीत हासिल की है। यूडीपी, जो कोनराड संगमा सरकार में एनपीपी की सहयोगी थी, दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। यूडीपी ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है। उसने 2018 के चुनावों में केवल छह सीटें जीती थीं। कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने पांच-पांच सीटें जीतीं जबकि भाजपा ने दो सीटों पर जीत हासिल की। नवगठित वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) ने चार सीटें जीतीं। हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने दो-दो सीटें जीतीं। दो निर्दलीय प्रत्याशी भी विजयी हुए हैं।
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