
नई दिल्ली. पछुआ हवाओं(पश्चिम दिशा से चलने वाली हवा) दक्षिण पश्चिम मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। यानी उत्तर भारत को मानसून के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि मानसून ने देश के 80% हिस्से को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग(IMD) के महानिदेशक मृत्युंजनय महापात्रा के अनुसार, मानसून अभी दक्षिण भारत, पूर्वी मध्य और पूर्वी, उत्तरपूर्वी भारत और उत्तरपश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। दिल्ली में आज या कल में मानसून पहुंच सकता है। हालांकि यह समय से पहले है। क्योंकि आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून तक ही पहुंचता रहा है।
यूपी में 15 दिन पहले पहुंचा मानसून
उत्तरप्रदेश में मानसून से दस्तक दी है। यह 15 दिन पहले पहुंच गया है। ऐसा 50 साल में पहली बार हुआ है।
कर्नाटक में पुल में दरारें
मेंगलुरु में भारी बारिश की वजह से फाल्गुनी नदी पर बने मारावूर ब्रिज में दरारे आई। जिसके बाद ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग ने आजकल में असम, बंगाल, सभी पूर्वोत्तर राज्यों सहित कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। IMD के मुताबिक, 17 जून से मुंबई के ठाणे और पालघर आदि के आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में अगले 3-4 दिनों के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर बादलों की तेज़ गर्जना होने और बिजली गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में आगामी 3 दिनों के दौरान अति भीषण बारिश हो सकती है। बिहार में 15 जून को एक-दो स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है।
कोंकण गोवा, कर्नाटक, केरल और माहे में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इन भागों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश के साथ बादलों की गर्जना होने और बिजली गिरने की आशंका है। कोंकण गोवा और तटीय कर्नाटक में 15 जून को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 2 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर गर्जना और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने का अनुमान है। उसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4 दिनों के दौरान ज़बरदस्त बारिश हो सकती है। 15 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता सबसे अधिक होगी।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में 15 जून को जबकि पंजाब व हरियाणा में 15 जून को बादलों की मध्यम से तेज़ गर्जना के साथ कई बार बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। तेज़ हवाएं भी चलेंगी। इन प्राकृतिक घटनाओं के कारण घर से बाहर काम करने वालों और मवेशियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
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