
भोपाल. मध्य प्रदेश में सियासी संकट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दावा किया जा रहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया आज यानी मंगलवार को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। वहीं, विधायकों के टूटने के डर से भाजपा ने अपने विधायकों को गुरुग्राम में शिफ्ट कर दिया है। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी भी अपने विधायकों को जयपुर भेज रही है। कांग्रेस को भी अपने विधायकों के टूटने का डर सता रहा है।
इसी क्रम में मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बचाने की पूरी तरह से कवायद करते हुए सभी विधायकों को दो बसों से एयरपोर्ट ले जाने की तैयारी में है। जहां से सभी को राजस्थान की राजधानी जयपुर ले जाया जाएगा।
सिंधिया के भी विधायक हमारे साथ
कांग्रेस पार्टी की नेता शोभा ओझा ने मीडिया से कहा,'हम सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करेंगे। बेंगलुरू गए सभी विधायकों के बीच भ्रम पैदा किया गया है, वे सभी हमारे साथ हैं। इसके अलावा भाजपा के विधायक भी हमारी संपर्क में हैं।'
इसके साथ ही शोभा ओझा ने कहा,'कुल 4 निर्दलीय विधायक हैं, चारों हमारे साथ हैं। विधायक सभी हमारे साथ हैं जो सिंधिया जी के साथ गए हैं वो भी हमारे साथ हैं क्योंकि वो समझ रहे हैं कि एक व्यक्ति की महत्वकांक्षा के चलते उन सबके भविष्य दांव पर हैं।'
सीएम ने कहा, सरकार को कोई खतरा नहीं
विधायकों के धड़ाधड़ इस्तीफे के बाद सीएम कमलनाथ ने विधायक दल की बैठक की। बैठक खत्म होने के बाद कमलनाथ ने कहा, 'वो अभी भी बहुमत हासिल कर लेंगे।' गौरतलब है कि सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने अपना त्याग पत्र राजभवन को भेज दिया है।
कांग्रेस के पास विधायकों की कितनी संख्या?
मध्य प्रदेश में 22 विधायकों के इस्तीफों के बाद कांग्रेस की संख्या 114 से 92 हो गई है। हालांकि, मंगलवार शाम कमलनाथ की बैठक में कांग्रेस के 92 की बजाय 88 विधायक ही पहुंचे। लेकिन अब तक एसपी-बीएसपी और निर्दली विधायकों की मदद से कांग्रेस के पास 99 विधायकों का समर्थन हासिल है।
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