480 करोड़ की पूंजी लगाकर कमाया कई गुना मुनाफा, आखिर कैसे फंसते चले गए CCD के मालिक सिद्धार्थ

Published : Jul 31, 2019, 09:57 AM ISTUpdated : Jul 31, 2019, 10:23 AM IST
480 करोड़ की पूंजी लगाकर कमाया कई गुना मुनाफा, आखिर कैसे फंसते चले गए CCD के मालिक सिद्धार्थ

सार

पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे के ओनर वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद कर लिया गया है। उन्होंने नदी में कूदकर को सुसाइड कर लिया। उनकी  तलाश में करीबन 200 से ज्यादा लोग लगे हुए। सिद्धार्थ अचानक से लापता हो गए थे। 

कर्नाटक. पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे के ओनर वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद कर लिया गया है। उन्होंने नदी में कूदकर को सुसाइड कर लिया। उनकी  तलाश में करीबन 200 से ज्यादा लोग लगे हुए थे। सिद्धार्थ सोमवार को अचानक से लापता हो गए थे। सिद्धार्थ का इस तरह से सुसाइड करना लोगों को हैरान कर रहा है। उनकी कंपनी पर 6547 करोड़ रुपए का कर्जा था। उन्होंने देश में 1700 से ज्यादा कॉफी डे चेन को स्थापित किया है। हाल ही में आईटी कंपनी माइंडट्री में हिस्सेदारी बेची थी, जिससे उन्हें 3269 करोड़ रुपए मिले थे।  


लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि सिद्धार्थ ने उठाया ये कदम

हाल ही में सीसीडी उस समय चर्चा में आई थी, कि कोका कोला भारत में सीसीडी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में हैं। सीसीडी को इससे करीबन 8000 से 10000 करोड़ रुपए की वैल्यू मिलने की उम्मीद है। लेकिन सिद्धार्थ के गायब होने की खबर से कॉफी डे एंटरप्राइजेज के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर 20 फिसदी टूटकर 154 रुपए हो गए। उसकी पूंजी 813 करोड़ रुपए घटकर 3254 करोड़ हो गई। 

करीब आठ साल पहले शुरु किया था शेयर में इनवेस्ट करना

वीजी सिद्धार्थ ने आईटी कंपनी माइंडट्री में करीब आठ साल पहले शेयर इनवेस्ट किया था। उन्होंने इन सालों में काफी इनवेस्ट किया। उनकी कंपनी में 20 प्रतिशत से ज्यादा कि हिस्सेदारी हो गई थी। वी.जी. सिद्धार्थ ने करीब 410 करोड़ रुपये का इनवेस्ट किया था। हाल ही में L&T ने माइंडट्री में अपना हिस्से लिया तो उसने वीजी की पूरी हिस्सेदारी खरीद ली। कंपनी ने ये हिस्सेदारी करीबन 3269 करोड़ रुपए में खरीदी। जिससे उन्हें काफी मुनाफा हुआ। जिसकी कीमत 2,858 करोड़ रुपए थी। सिद्दार्थ को 180 करोड़ का प्रोफिट शेयर भी मिला। उन्होंने कुल 3038 का मुनाफा हुआ। हालांकि उन्होंने अपने को नाकाम कारोबारी बताया जो कि हैरान करने वाला है। 

आखिर क्या वजह थी

सिद्धार्थ का लिखा लेटर जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसमें उन्होंने लिखा कि उनपर इक्वीटी पार्टनर और इनकम टैक्स अधिकारी का दबाव था। ''मैंने अपना सबकुछ दे दिया है। जिन्होंने मुझपर विश्वास किया। मैं उन सभी से माफी चाहूंगा। मैंने बहुत लंबे समय तक लड़ाई लड़ी, लेकिन अब हार गया हूं। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर वापस खरीदने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं की तरफ से भारी दबाव के कारण मैं अब पूरी तरह टूट चुका हूं। आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे। इसके बाद कैफे कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे। इस वजह से हमारे सामने कैश का संकट खड़ा हो गया।''  '' मेरा अनुरोध है कि आप सभी मजबूती से नए मैनेजमेंट के साथ बिजनेस को आगे ले जाएं। सभी गलतियों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। सभी फाइनेशियल ट्रांजेक्शन के लिए मैं जिम्मेदार हूं।  मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी नहीं है। कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए। मैंने परिवार या किसी और को इस बारे में नहीं बताया।''

इनकम टैक्स बोला- लेटर पर सिद्धार्थ के साइन मैचिंग नहीं है
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सिद्धार्थ के लेटर पर हुए दस्तख्त पर सवाल उठा दिए हैं। सिद्धार्थ के लेटर पर किये साइन एनुअल रिपोर्ट से मेल नहीं खाते हैं। इनकम टैक्स ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा- सिद्धार्थ पर कार्यवाई नियमों के मुताबिक हुई है।  उनके खिलाफ हवाला ट्रांजेक्शन और टैक्स की चोरी का मामला बना था। उनके खिलाफ सबूत भी सामने आए थे। उन्होंने जांच के दौरान इस बात को कुबूल भी किया था। इसीलिए उनके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की गई। 

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