
Morbi bridge collapsed: मोरबी पुल गिरने से हुई मौतों के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घटनास्थल पर पहुंचेंगे। माच्छू नदी में बने पुल के गिरने से कम से कम 134 लोगों की मौत हो गई है। गुजरात में हुए इस हादसे से पूरा देश अपनी शोक संवेदना प्रकट कर रहा। राज्य के सीएमओ ने बताया कि पीएम मोदी मंगलवार की दोपहर को मोरबी का दौरा करेंगे।
गांधीनगर से करीब 300 किलोमीटर दूर मोरबी केबल पुल रविवार को दुबारा खोले जाने के चार दिन बाद गिर गया। हादसा के वक्त करीब 500 लोग उस पर सवार थे। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 134 लोगों की मौत हो गई। गुजरात के इस ऐतिहासिक पुल को निर्माण कार्य करने में अनुभवहीन कंपनी ने बनाने का टेंडर सरकार से हासिल किया था। बताया जा रहा है कि घड़ी व अन्य सामान बनाने वाली जानी मानी कंपनी ने टेंडर हासिल कर इस पुल का जीर्णोद्धार कराया था। पुल को गुजराती नव वर्ष के दिन आमजन के लिए खोला गया था। इसी कंपनी के पास इस पुल के टोल को वसूलने की भी जिम्मेदारी थी।
पीएम मोदी बोले-लोगों के प्रति मेरी संवेदना
पीएम नरेंद्र मोदी ने मोरबी पुल हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि मैं केवड़िया में हूं लेकिन मोरबी पुल हादसे में मारे गए लोगों के प्रति मेरी संवेदना है। उन्होंने कहा कि केवड़िया में पारंपरिक नृत्य करने के लिए देश भर से दल आए थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
पुल के रखरखाव का संचालन कर रही एजेंसियों पर केस
मोरबी पुल हादसा में पुलिस ने पुल के रखरखाव व संचालन का काम करने वाली एजेंसियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। मोरबी 'बी' डिवीजन पुलिस स्टेशन में रविवार की रात एफआईआर दर्ज किया गया। इस केस में अभी तक कोई अरेस्ट नहीं किया गया है। मोरबी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी संदीपसिंह जाला ने कहा कि शहर की घड़ियां और ई-बाइक निर्माता ओरेवा ग्रुप को पुल के नवीनीकरण और संचालन का ठेका दिया गया था।
मोरबी नगर पालिका के प्रमुख संदीप सिंह बोले-कोई अनुमति नहीं दी
मोरबी नगर पालिका के प्रमुख संदीप सिंह जाला ने इस दुर्घटना के बाद बताया कि मोरबी पुल के जीर्णोद्धार के बाद उसे खोलने के लिए कोई फिटनेस सर्टिफिकेट अधिकारियों या संस्था ने नहीं लिया था। न ही कोई अनुमति इसके लिए ली गई थी। उन्होंने कहा कि ओरेवा नाम के एक निजी ट्रस्ट ने सरकार का टेंडर मिलने के बाद पुल का जीर्णोद्धार कराया है। मरम्मत के लिए सात महीने से पुल बंद था। 26 अक्टूबर को इसे फिर से खोल दिया गया। लेकिन ओरेवा ने पुल खोलने से पहले अधिकारियों से फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं लिया था। जाला ने कहा कि यह एक सरकारी निविदा थी। ओरेवा समूह को पुल खोलने से पहले इसके नवीनीकरण का विवरण देना था और गुणवत्ता की जांच करानी थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। पढ़ें पूरी खबर...
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