
India-Nepal Border: नेपाल में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। दरअसल, एक हफ्ते तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद देश की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया। इस बीच राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के कार्यालय ने घोषणा की है कि नेपाल में संसदीय चुनाव अगले साल 5 मार्च को कराए जाएंगे। नेपाल में नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सात जिले महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत नेपाल की सीमा से जुड़े हुए हैं। शनिवार को बहराइच के रूपईडीहा बॉर्डर पर गाड़ियां, मोटरसाइकिलें, पैदल यात्री और मालवाहक वाहन पहले की तरह आने-जाने लगी हैं। हालांकि मालवाहक वाहनों की आवाजाही ज्यादा रही, लेकिन आम लोगों की आवाजाही अभी थोड़ी कम दिख रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई सरकार बनने के साथ ही हालात सामान्य होने लगे हैं। इसी वजह से शनिवार को सीमा पर किसी भी व्यक्ति की आवाजाही नहीं रोकी गई। उन्होंने बताया कि पहचान की पुष्टि करने के बाद ही लोगों को भारत में आने दिया जा रहा है। कमांडेंट ने यह भी बताया कि बॉर्डर आउटपोस्ट पर लगे फेस रिकॉग्निशन डिवाइस और नंबर प्लेट रीडर मशीनों की मदद से नागरिकों और वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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शनिवार को करीब 20 भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रूपईडीहा बॉर्डर पार कर नेपालगंज पहुंचे। वहां से वे हवाई मार्ग से तिब्बत के लिए आगे बढ़ेंगे। बीते दिनों रूपईडीहा बाजार में आज थोड़ी हलचल दिखी। दोपहर तक कुछ नेपाली नागरिक रोजमर्रा का सामान खरीदते नजर आए, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही।
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