
भोपाल. मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनने के तीन महीने बाद आज कैबिनेट का विस्तार हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आवास पर इसे लेकर 6 घंटे माथापच्ची हुई है। उसके बाद नामों पर सहमति बनी। उधर, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस शपथग्रहण में शामिल हुए। शिवराज की कैबिनेट में सिंधिया खेमे के 10 नेताओं ने शपथ ली।
20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ
इंदर सिंह परमार : शुजालपुर से विधायक इंदर सिंह परमार ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।
भारत सिंह कुशवाह : ग्वालियर ग्रामीण सीट से विधायक भारत सिंह कुशवाह ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।
राज्यवर्द्धन सिंह : बदनावर से पूर्व विधायक राज्यवर्द्धन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। यह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और सिंधिया समर्थक हैं।
हरदीप सिंह : हरदीप सिंह डंग ने भी मंत्री पद की शपथ ली। यह सुवासरा से कांग्रेस के विधायक थे और अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। ये सिंधिया समर्थक हैं।
मोहन यादव : उज्जैन से भाजपा विधायक मोहन यादव ने शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। इन्हें केंद्र में जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान का करीबी माना जाता है।
अरविंद सिंह भदौरिया : अटेर सीट से बीजेपी विधायक अरविंद सिंह भदौरिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
ऊषा ठाकुर : महू विधानसभा सीट से भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने मंत्री पद की शपथ ली।
इमरती देवी : यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे की हैं। इमरती देवी ने शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली।
ओ पी सकलेचा : मध्य प्रदेश के जावद सीट से विधायक ओ पी सकलेचा ने मंत्री पद की शपथ ली।
प्रद्युम्न सिंह तोमर : प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंत्री पद की शपथ ली। यह ग्वालियर सीट से कांग्रेस के विधायक थे और अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।
प्रभु राम चौधरी : प्रभु राम चौधरी ने शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली।
प्रेम सिंह पटेल : भाजपा का आदिवासी चेहरा माने जाने वाले प्रेम सिंह पटेल ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
यशोधरा राजे सिंधिया : ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
जगदीश देवड़ा : मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
गोपाल भार्गव : भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने वित्त मंत्री पद की शपथ ली।
प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली हाईकमान से भी मिलने पहुंचे थे।
सीएम शिवराज सिंह चौहान की नहीं चली
शिवराज सिंह दिल्ली संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली पहुंचे थे। इसमें कुछ पुराने दिग्गजों के नाम शामिल थे। लेकिन हाईकमान नए चेहरों को मौका देने के पक्ष में था। ऐसे में शिवराज सिंह की राय को दरकिनार कर दिया गया। खबरें हैं कि कई पुराने दिग्गजों को मार्गदर्शक मंडल में भेजा जाएगा।
23 मार्च को चौथी बार सीएम बने थे शिवराज
मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के बगावत के बाद 20 मार्च को मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था। कमलनाथ की सरकार सिर्फ 15 महीने चली। 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार राज्य की सत्ता संभाली थी। 28 दिन बाद 21 अप्रैल को 5 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.