
नई दिल्ली. पिछले 1.5 महीने से गलवान घाटी को लेकर भारत और चीन के बीच चल रहा विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। भारत और चीन एक बार फिर गलवान घाटी और गोगरा हॉट पर शांतिपूर्ण तरीके से हल करने को तैयार हो गए हैं। इस इलाके में दोनों देश धीरे धीरे अपनी सेनाएं पीछे हटाएंगे। इससे पहले 6 जून को दोनों देशों के बीच यथास्थिति पर लौटने के लिए सहमति बन गई थी, लेकिन चीनी सैनिकों ने हटने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दोनों देशो के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
भले ही दोनों देश गलवान में विवाद को निपटाने के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन अभी पैंगोंग झील पर टकराव जारी है। यहां स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। इस इलाके में चीनी सेना ने बड़ी संख्या में बंकर भी बना लिए हैं।
फिंगर 4 से फिंगर 8 तक चीन की किलेबंदी
एनबीटी की खबर के मुताबिक, चीनी सेना ने फिंगर 4 से 8 तक किलेबंदी कर रखी है। इन चौकियों पर चीन ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। इस इलाके से चीन अभी हटने के लिए तैयार नहीं है।
गलवान में पीछे हटने को तैयार दोनों देश
रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन दोनों पक्ष गलवान में मौजूदा तनाव को कम करना चाहते हैं। दोनों देश पीछे हटने पर भी राजी हैं। 30 जून को दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बात हुई थी। यह बैठक 12 घंटे चली। 6 जून के बाद यह तीसरी बैठक थी। इसमें भारत की ओर से 14 Corps कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने नेतृत्व किया था। चीन की ओर से दक्षिण शिनजियांग मिलिटरी डिस्ट्रिक्ट चीफ मेजर जनरल लुई लिन शामिल थे।
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